प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को इजरायल के दौरे पर जा रहे हैं। अक्टूबर, 2023 में जब हमास और इजरायल के बीच जंग शुरू हुई थी, उसके बाद पीएम मोदी की यह पहली इजरायल यात्रा है। इससे पहले वह 2017 में इजरायल गए थे। भारत ने लगातार इजरायल और फिलीस्तीन के साथ अपने संबंधों को अलग-अलग रखने की कोशिश की है।
पीएम मोदी इजरायल क्यों जा रहे हैं, इसके तीन प्रमुख कारण हैं।
रक्षा एवं सुरक्षा समझौते
भारत और इजरायल के बीच विज्ञान और प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी है और इन संबंधों का मुख्य आधार रक्षा और सुरक्षा पर ही टिका हुआ है।
भारत पिछले एक दशक में विशेष रूप से 2015 और 2019 के बीच, इजरायल से हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार रहा है। भारत ने ड्रोन, मिसाइल प्रणाली, सेंसर, निगरानी तकनीक और सीमा नियंत्रण उपकरण खरीदे हैं।
भारत ने अपनी सेना ने आधुनिकीककरण और अपने देश में ही उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए के लिए इजरायल की ओर रुख किया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच होने वाली बातचीत में संबंधों को विस्तार देने पर जोर दिया जाएगा। इस दौरान खुफिया सहयोग और भारत में टेक्नोलॉजी का ट्रांसफर भी शामिल है।
नेतन्याहू भी आए थे भारत
2017 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल गए थे तो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली इजरायल यात्रा थी। इसके बाद नेतन्याहू भी अगले साल भारत आए थे। नवंबर 2025 में इजरायल के रक्षा सचिव ने भारत का दौरा किया था और रक्षा सहयोग से जुड़े एक अहम समझौते ज्ञापन पर दस्तखत किए थे।
शांति योजना पर चर्चा
भारत ने हाल ही में वाशिंगटन में आयोजित हुई पीस बोर्ड की पहली बैठक में भाग लिया था। भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा शांति योजना का स्वागत किया है।
नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू के बीच समय-समय पर बातचीत होती रही है। बीते साल 10 दिसंबर और इस साल 7 जनवरी को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। नेतन्याहू ने भारत को प्रस्तावित “Hexagon of Alliances” का केंद्रीय स्तंभ बताया था। इजरायल ने इसे विरोधियों का मुकाबला करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है।
कई अहम मुद्दों के साथ ही दोनों नेता भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को आगे किस तरह बढ़ाया जाए, इसके तरीकों पर भी विचार-विमर्श हो सकता है। यह दोनों ही देशों के लिए भी अहम है।
इजरायली संसद को संबोधित करेंगे मोदी
यात्रा के दौरान मोदी इजरायली संसद को संबोधित करेंगे और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय नेता होंगे। विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने कहा है कि अगर सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख को इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया तो वह मोदी के संबोधन का बहिष्कार करेंगे।
क्या है येलो लाइन जिसे इजरायल ने बताया नया गाजा बॉर्डर
इजरायली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने कुछ महीने पहले गाजा में खींची गई ‘येलो लाइन’ को एक “नई सीमा” करार दिया था। यह वही लाइन है जो गाजा के इजरायल के कब्जे वाले हिस्से को बाकी इलाके से अलग करती है। क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
