पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान की प्रतिनिधिमंडल की बातचीत चल रही है। इसी बीच द न्यूयार्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि होमुर्ज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खुलने में लंबा वक्त लग सकता है।
अमेरिका के अधिकारियों ने द न्यूयार्क टाइम्स को बताया कि ईरान द्वारा होमुर्ज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने में असमर्थता से एक बड़ी समस्या पैदा हुई है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना खाड़ी में बिछाए गए नेवी माइन्स का पता लगाने में अक्षम है और उन्हें हटाने में उनकी तकनीकी क्षमता भी कम है।
ईरान ने छोटी नाव से बिछाए बारूदी सुरंग
ईरान ने छोटी नाव के सहारे अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होते ही होमुर्ज जलडमरूमध्य में माइन्स बिछाने शुरू कर दिए थे। 2 मार्च को ईरानी सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर के एक वरिष्ठ अधिकार ने होमुर्ज को बंद घोषित कर दिया और चेतावनी दी कि होमुर्ज से गुजरने वाले किसी भी जहाज को आग लगा दिया जाएगा। इससे जहाजों की आवाजाही रूक गई और दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान को छू गईं।
‘माइन्स का पता लगाना आसान नहीं’
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिका के अधिकारियों ने कहा कि बारूदी सुरंगे बिखरे हुए और अव्यवस्थित तरीके से बिछाई गई थीं और यह अभी भी साफ नहीं की ईरानी सेना ने उन जगहों को पूरी तरह नोट किया था या नहीं। यहां तक अगर उन्हें दर्ज भी किया गया था तो कुछ उपकरण बह गए होंगे, जिससे उनका पता लगाना और भी मुश्किल हो गया है।
ईरान ने एक संकरा रास्ता खुला रखा है, जिससे टोल देने वाले जहाज पार कर सके। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जहाजों को बारूदी सुरंगों से टकराने के खतरे के बारे में चेतावनी दी है, जब ईरानी अर्धसरकारी मीडिया ने सुरक्षित मार्गों को दर्शाने वाले नक्शे प्रकाशित किए। हालांकि ये मार्ग अभी प्रतिबंधित है।
जलमार्ग को तुरंत साफ करने में असमर्थता के कारण सामान्य यातायात बहाल करने के लिए ट्रंप प्रशासन की मांगों पर ईरान की प्रतिक्रिया धीमी हो गई है। मंगलवार को ट्रंप ने पोस्ट में अमेरिका-ईरान युद्ध में संभावित दो सप्ताह के युद्धविराम को होमुर्ज जलडमरूमध्य को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खुल जाने की जानकारी दी। वहीं, ईऱान ने प्रतिबंधों का संकेत दिया। बुधवार को विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होमुर्ज जलडमरूमध्य को तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए फिर से खोला जाएगा।
इस्लामाबाद में दोनों पक्ष मौजूद
शनिवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के नेतृत्व में 70 सदस्यीय ईरानी प्रतिनिधिमंडल शांतिवार्ता के लिए अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मिल रहा है। इस दौरान इस मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाए जाने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें: होर्मुज जलमार्ग बंद होने से रूस को हुआ जबरदस्त फायदा, तेल राजस्व अप्रैल में 9 अरब डॉलर तक पहुंचा
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले से पैदा हुए तेल और गैस संकट से रूस को बहुत बड़ा फायदा हुआ है। रूस को अपने सबसे बड़े सिंगल आयल टैक्स से प्राप्त होने वाला राजस्व अप्रैल में दोगुना होकर 9 अरब डॉलर तक पहुंचने की अनुमान है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
