फ्रांस समेत समूचा यूरोप भीषण गर्मी की चपेट में है। फ्रांस के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 24 जून से लेकर 26 जून के बीच औसत से एक हजार ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इन अतिरिक्त मौतों में से करीब 85 प्रतिशत मृतकों की उम्र 65 साल से ज्यादा थी। फ्रांस में अप्रैल-मई में औसतन प्रति दिन 900 से 1000 लोगों की मृत्यु हुई थी जबकि इस साल 24 जून को 1200 लोगों की और 25 एवं 26 जून को 1400 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हुई।

पिछले हफ्ते मंगलवार और बुधवार को फ्रांस में इतिहास के सबसे गर्म दिन दर्ज किये गए। देश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 39 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया।

पिछले सप्ताह की रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी के दौरान फ्रांस में औसत के मुकाबले 1000 अतिरिक्त मौतें मौतें दर्ज की गईं। हालांकि फ्रांस सरकार मृतकों की संख्या की बढ़ोतरी के बारे में कोई सटीक आंकड़ा नहीं दिया है।

इस साल अप्रैल और मई में औसतन 900 से 1000 मौतें हुईं। फ्रांस की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि अतिरिक्त मौतों में से लगभग 85 प्रतिशत 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की थीं। सबसे अधिक मौतें पेरिस और आसपास के क्षेत्र में हुई। पिछले हफ्ते फ्रांस में भीषण गर्मी से राहत पाने की कोशिश में डूब गए थे।

फ्रांस में गर्मी से घर पर होने वाली मौतें चिंता का विषय

फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन ने पिछले मंगलवार को बताया था कि 18 जून से अब तक देश में 40 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। इनमें अधिकांश युवा शामिल हैं जो भीषण गर्मी से बचने के लिए नहरों, नदियों और जलाशयों में उतर गए थे। हालांकि, फ्रांस में हीटवेव का असर अब कम हो गया है लेकिन वहां के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि घर पर होने वाली मौतें खास तौर पर चिंता का विषय हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने चेतावनी दी है कि यूरोप अब सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है जो वैश्विक औसत से दोगुनी गति से गर्म हो रहा है। एपी की खबर के अनुसार, WHO महानिदेशक ने कहा कि 15 करोड़ से अधिक लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं और 21 जून से पूरे यूरोप में 1300 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं।

यूरोप में टूटे गर्मी के रिकॉर्ड

पिछले हफ्ते बुधवार ब्रिटेन के इतिहास में जून का सबसे गर्म दिन रहा जहां तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, स्पेन, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड में भी कई स्थानों पर जून के तापमान के रिकॉर्ड टूट गए हैं और सैंकड़ों लोगों की जान भी गई है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी जर्मनी के जंगलों में में भीषण आग लग गई। आग फैलने के कारण ट्राइसन गांव से लगभग 650 निवासियों को निकाला गया।

‘वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन’ के वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को बताया कि फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन और दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान मौसम के औसत से 5-12°C ज्यादा हो गया है जिसकी वजह एक लंबे समय से बना हुआ हाई-प्रेशर सिस्टम है।

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 रविवार को पूर्वोत्तर फ्रांस के टॉमब्लेन शहर में एक नागरिक विमान क्रैश हुआ है, जिसमें कम से कम 11 लोगों की मौत होने का अनुमान है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्लेन पैराशूटिंग सिखाने वाले एक स्कूल का था। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें