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2019 में बढ़ेगा सैन्य-राजनीतिक विरोध, व्यापार युद्ध में वृद्धि संभव : रिपोर्ट

'ग्लोबल रिस्क ऑर यूरेशिया इन 2019' के मुताबिक, "2019 में विश्व को सैन्य-राजनीतिक विरोध, व्यापार युद्ध, मानवीय त्रासदियों और पर्यावरण आपदाओं जैसे बड़े संकटों का सामना करना पड़ेगा।

Author December 5, 2018 11:13 AM
रूस, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती भू-राजनैतिक प्रतिस्पर्धा, इन तीनों राष्ट्रों के बीच सैन्य-राजनैतिक विरोध में वृद्धि व व्यापार युद्ध और मध्यपूर्व में ‘महायुद्ध’ की संभावना 2019 की सबसे बड़ी चिंताएं हैं।

रूस, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती भू-राजनैतिक प्रतिस्पर्धा, इन तीनों राष्ट्रों के बीच सैन्य-राजनैतिक विरोध में वृद्धि व व्यापार युद्ध और मध्यपूर्व में ‘महायुद्ध’ की संभावना 2019 की सबसे बड़ी चिंताएं हैं। एक अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। विश्व के 30 शीर्ष विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन ‘ग्लोबल रिस्क ऑर यूरेशिया इन 2019’ के मुताबिक, “2019 में विश्व को सैन्य-राजनीतिक विरोध, व्यापार युद्ध, मानवीय त्रासदियों और पर्यावरण आपदाओं जैसे बड़े संकटों का सामना करना पड़ेगा।

वर्ष 2019 में यूरेशिया के लिए 10 बड़े वैश्विक खतरों को रेखांकित करते हुए अध्ययन में अमेरिका व चीन के बीच व्यापार युद्ध में व्यापक विस्तार को लेकर विरोध में वृद्धि, मध्यपूर्व में महायुद्ध, रूस व पश्चिम के बीच रिश्तों का पतन, यूरेशिया में हॉटस्पॉट को हटाना, अलगाववाद व जातीय संघर्षो में वृद्धि, पर्यावरण व जल चुनौतियों का बढ़ना, साइबर खतरों में मजबूती व उद्भव, नए हथियारों की दौड़ की शुरुआत और विशाल परमाणु व प्रौद्योगिकी आपदाओं के जोखिम को चिन्हित किया गया।

विश्व अर्थशास्त्र और राजनीति संस्थान (आईडब्ल्यूईपी) के विशेषज्ञों की एक टीम ने इस अध्ययन को तैयार किया है। टीम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक येरझेन सॉल्टीबावेव ने की। यह अध्ययन 30 से ज्यादा वैश्विक विशेषज्ञ और राजनेताओं द्वारा व्यक्त की गई राय पर आधारित है।

इसमें कई पूर्व राष्ट्र प्रमुख व नोबल पुरस्कार विजेता शामिल हैं। इसके अलावा 60 देशों के एक हजार से ज्यादा विशेषज्ञों ने भी इसमें अपनी राय दी है। यह अध्ययन हाल ही में अस्ताना क्लब की चौथी वार्षिक बैठक के हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया। अस्ताना क्लब एक अंतर्राष्ट्रीय चर्चा मंच है, जो कजाखस्तान के अस्ताना में है।

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