ताज़ा खबर
 

दुनिया के शीर्ष अमीर एलन मस्क, बेजोस और बफेट भरते हैं सबसे कम इनकम टैक्स, सिस्टम की ख़ामियों का उठाया फायदा

अमेरिका में देश के सबसे अमीर लोगों ने वेल्थ के मुकाबले बहुत कम टैक्स भरा है। 2014-2018 के बीच अमेरिका के टॉप-25 अरबपतियों ने 15.8 परसेंट या 13.6 बिलियन डॉलर का औसत टैक्स चुकाया।

अरबों रुपए कमाने वाले बेजोस, मस्क और बफेट सबसे कम इनकम टैक्स भरते हैं।

दुनिया के सबसे अमीरों में शामिल ऐमजॉन के सीईओ जेफ बेजोस, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट सबसे कम इनकम टैक्स भरते हैं। न्यूज ऑर्गेनाइजेशन प्रोपब्लिका की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन कारोबारियों ने कई बार टैक्स ही नहीं दिया है।

अमेरिका में देश के सबसे अमीर लोगों ने वेल्थ के मुकाबले बहुत कम टैक्स भरा है। 2014-2018 के बीच अमेरिका के टॉप-25 अरबपतियों ने 15.8 परसेंट या 13.6 बिलियन डॉलर का औसत टैक्स चुकाया। अमेरिकी टैक्स एजेंसी इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) के दस्तावेजों के मुताबिक इस दौरान इन रईसों की कमाई 29.26 लाख करोड़ रुपए रही जबकि इन्होंने टैक्स के रूप में सिर्फ 99 हजार करोड़ रुपए दिए।

अमेजन सीईओ बेजोस की बात करें तो, उन्होंने 2007 में टैक्स ही नहीं दिया, जबकि उस साल कंपनी के शेयरों की कीमत दोगुनी हुई थी। 2011 में उनकी नेटवर्थ 86 हजार करोड़ थी, पर उन्होंने नुकसान दिखाकर बच्चों के नाम दो लाख रुपए का टैक्स क्रेडिट लिया था।

इन डॉक्यूमेंट्स से पता चलता है कि इन अमीरों ने देश के टैक्स सिस्टम की खामियों का फायदा उठाया। ये अमीर जो कमाई करते हैं वह अमेरिकी कर व्यवस्था के तहत कर के दायरे में नहीं आती है। इनकी कमाई कंपनियों के शेयर, वैकेशन होम्स, यॉट और दूसरे निवेश से होती है जो ‘टैक्सेबल इनकम’ नहीं है।

डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक इन एसेट्स को तभी टैक्सेबल माना जाता है जब उन्हें बेचा जाता है। साथ ही देश के टैक्स कोड में कई खामियां हैं जो उनकी टैक्स देनदारी को या तो सीमित कर देते हैं या खत्म कर देते हैं। बेजोस के अलावा टेस्ला के मस्क ने 2018 में टैक्स नहीं दिया। 2014 से 2018 के बीच उनकी दौलत 1.08 लाख करोड़ रुपए बढ़ी, पर टैक्स 3 हजार करोड़ अदा किया।

बर्कशायर हैथवे के सीईओ बफेट ने 2014-2018 के दौरान 173 करोड़ रुपए ही टैक्स दिया, जबकि इस दौरान उनकी दौलत 1.77 लाख करोड़ बढ़ी। ब्लूमबर्ग इंडेक्स के मुताबिक इन तीनों की संयुक्त नेटवर्थ करीब 34 लाख करोड़ रुपए है।

प्रोपब्लिका को दिए एक बयान में बफेट ने कहा कि उनकी मौत के बाद उनकी 99.5 फीसदी वेल्थ टैक्स और चैरिटी में चली जाएगी। उन्होंने कहा कि मेरा अब भी मानना है कि टैक्स सिस्टम में भारी बदलाव किया जाना चाहिए।

Next Stories
1 कोरोनाकाल में भ्रष्टाचार: एक और अफ्रीकी देश के स्वास्थ्य मंत्री पर लगे करप्शन के आरोप, सरकार ने छुट्टी पर भेजा
2 फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को सरेआम जड़ दिया थप्पड़, दो आरोपी हिरासत में
3 महात्मा गांधी की पड़पोती को धोखाधड़ी के जुर्म में सात साल की जेल
ये पढ़ा क्या?
X