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मिस्त्र: सार्वजनिक स्थल और सरकारी दफ्तरों में बुर्का पहनने पर लग सकती है रोक, संसद बना रही है कानून

कुरान सिर्फ शालीन कपड़ें पहनने और बाल ढकने की बात करती है लेकिन चेहरा ढकने की जरूरत नहीं है।

चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है।

हाल ही में मिस्त्र में हुए आतंकी हमलों के बाद मिस्त्र की संसद बुर्का पहनने, चेहरा ढकने पर रोक लगाने के लिए एक बिल लाने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ड्राफ्ट किए जा रहे इस बिल में सार्वजनिक स्थलों और सरकारी दफ्तरों में बुर्का पहनने पर रोक लगा दी जाएगी। सांसद और अल-अजहर विश्वविद्यालय में प्रोफेसर आमना नासिर ने इस प्रतिबंध का समर्थन करते हुए कहा कि पर्दा इस्लाम में जरूरी नहीं है, बल्कि ये गैर-इस्लामिक है। वो तर्क देती हैं ये यहूदी रिवाज है जो अरेबिक शासन के दौरान इस्लाम में शामिल हुआ। कुरान इसके इस्तेमाल की इजाजत नहीं देती। इसके आलावा कुरान स्वयं शालीन कपड़ें पहनने और बाल ढकने की बात करती है लेकिन चेहरा ढकने की जरूरत नहीं है। पिछले कुछ सालों में मिस्त्र में बुर्का पहने, चेहरा ढकने को लेकर कई प्रकार को रोक लगाई गई है। इससे पहले फरवरी में काहिरा विश्वविद्यालय ने नर्स और डॉक्टर के मेडिकल स्कूल और शैक्षिक हॉस्पिटल में बुर्का पहने, चेहरा ढकने पर रोक लगा दी गई थी। तब इस बैन के लिए तर्क दिया गया था कि ये मरीज के अधिकारों और रूचि को बचाने के लिए लगया गया है।

इससे पहले रविवार को काहिरा में इस्लामिक स्टेट ने अल्पसंख्यक समुदाय के दो कोप्टिक ईसाई गिरिजाघरों बम धमाके किए। इन धमाकों में 45 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद मिस्र में तीन माह के आपातकाल की घोषणा की गई है। विशेष सैन्य बलों को आदेश दिए गए हैं कि वे देश के अहम प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करें। इस्लामिक स्टेट ने तांता और एलेग्जेंड्रिया शहरों में दो गिरिजाघरों पर हमलों की जिम्मेदारी ली थी। तांता में बम विस्फोट में घायल एक व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों का आंकड़ा 45 तक पहुंच गया। मिस्र के अधिकारियों के मुताबिक 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। पहला धमाका तांता के कोप्टिक गिरजाघर मार गिरगिस में हुआ, यह गिरजाघर सेंट जॉर्ज के नाम से भी जाना जाता है। इसमें 27 लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हो गए। इसके कुछ ही घंटों बाद फिदायीन हमलावर ने एलेग्जेंड्रिया मानशिया डिस्ट्रिक्ट में सेंट मार्क कोप्टिक आॅर्थोडॉक्स केथेड्रल में हमला किया। इसके बाद अब सरकार अब ये ड्राफ्ट लाने की तैयारी कर रही है।

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