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पाकिस्तानी महिला सांसद ने इमरान खान पर लगाया था आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप, लोगों ने फेंके अंडे

गुलालाई जब बाहर निकली तो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की महिला कार्यकर्ताएं उन पर अंडे और टमाटर फेंकने लगीं। इसके साथ ही महिलाएं 'गो गुलालाई गो' का नारा लगा रही थीं। इमरान खान की पार्टी की महिलाओं ने कहा कि आयशा गुलालाई कौम में अपनी इज्जत खो चुकी हैं।

पाकिस्तान की सांसद आयशा गुलालाई

पाकिस्तान की सांसद आयशा गुलालाई पर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की महिला कार्यकर्ताओं ने सड़े हुए अंडे और टमाटर फेंके। आयशा गुलालाई शुक्रवार को बहावलपुर में एक कार्यक्रम में गईं थी। आयशा गुलालाई ने PTI चीफ इमरान खान पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने और करप्शन के आरोप लगाये थे। आयशा गुलालाई ने अगस्त 2017 में इमरान खान पर आरोप लगाने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। आयशा गुलालाई पर ये हमला तब हुआ जब वह अपने होटल के बाहर निकल रही थी। गुलालाई जब बाहर निकली तो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की महिला कार्यकर्ताएं उन पर अंडे और टमाटर फेंकने लगीं। इसके साथ ही महिलाएं ‘गो गुलालाई गो’ का नारा लगा रही थीं। इमरान खान की पार्टी की महिलाओं ने कहा कि आयशा गुलालाई  कौम में अपनी इज्जत खो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह जो कर रही हैं ऐसा कर वो पैसा कमा सकती हैं लेकिन इज्जत नहीं। आयशा गुलालाई बहावलपुर में सुबा बहावलपुर बहाली तहरीक के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आई थीं।

मौके पर मौजूद आयशा के समर्थकों से इमरान खान के समर्थकों की गरमागरम बहस हुई और आयशा के समर्थक ‘गो इमरान गो’ के नारे लगाने लगे। तभी पीटीआई समर्थक ‘हाई-हाई गुलालाई’ के नारे लगाने लगे। पीटीआई के समर्थकों ने आरोप लगाया और कहा, “जो औरत अपना इज्जत नहीं बहाल कर सकीं वो हमारा सूबा बहाल करने आईं है, इंशाअल्लाह हमारा सूबा इमरान खान करेगा और कोई नहीं।” इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए गुलालाई ने कहा नारा लगाने वाली पीटीआई कार्यकर्ता उनकी बहनें हैं और इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

 

बता दें कि गुलालाई ने साल 2012 में पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ ज्वाइन किया था। इस साल फरवरी में उन्होंने पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (गुलालाई) नाम से अपनी पार्टी बनाई थी। पाकिस्तान में इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पर जूते फेंके गये थे। जबकि विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ पर स्याही फेंकी गई थी। तब आयशा गुलालाई ने कहा था कि जूता फेंकने वाले शख्स को जेल में बंद करना गलत है, क्योंकि उसने गुरबत और परेशानी में आकर ये कदम उठाया है।

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