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तेजी से फैल रहा है इबोला

संयुक्त राष्ट्र / वाशिंगटन।  संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ने कहा है कि इबोला की रोकथाम की तमाम कोशिशों और उपायों के बावजूद यह बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पश्चिम अफ्रीका में सभी प्रभावित देशों में मदद के लिए आगे आने को कहा है। इस बीच अमेरिका के स्वास्थ्य […]

Author Published on: October 16, 2014 9:47 AM

संयुक्त राष्ट्र / वाशिंगटन।  संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख ने कहा है कि इबोला की रोकथाम की तमाम कोशिशों और उपायों के बावजूद यह बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पश्चिम अफ्रीका में सभी प्रभावित देशों में मदद के लिए आगे आने को कहा है। इस बीच अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों के दावे के उलट टेक्सास अस्पताल की नर्सों ने शिकायत की है कि गंभीर रूप से पीड़ित लोगों का इलाज करने से संबंधित बहुत ही कम नियम और दिशा निर्देश उन्हें बताए गए हैं।

इबोला इमरजंसी रिस्पांस के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमईईआर) के प्रमुख एंथनी बेनबरी ने 15 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि वे काफी चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से उठाए गए कदम इस जानलेवा बीमारी को रोकने में पूरी तरह से कारगर नहीं है। उन्होंने कहा-‘यह हमसे काफी आगे है। यह हमसे तेज भाग रहा है और मुकाबला जीतता जा रहा है। अगर इबोला को जीत मिलती है तो हम संयुक्त राष्ट्र के लोग बहुत कुछ हार जाएंगे।’

बेनबरी ने मंगलवार को घाना स्थित अभियान मुख्यालय से वीडियो लिंक के जरिए परिषद से कहा-‘या तो हमें अब इबोला को रोकना होगा ,नहीं तो हमें ऐसे अभूतपूर्व हालात से दो चार होना पड़ेगा जिसके लिए हमारे पास कोई योजना नहीं है।’

बेनबरी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की सिफारिशों को भी दोहराया जिसमें कहा गया है कि बीमारी पर रोकथाम के लिए एक अक्तूबर से 60 दिन के भीतर सभी संक्रमित लोगों में से 70 फीसद अस्पताल में होने चाहिए तथा बीमारी से जान गंवाने वाले 70 फीसद लोगों को सुरक्षित तरीके से दफनाया जाना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि एक दिसंबर की तय सीमा तक ऐसा नहीं होता है तो इबोला प्रभावितों की संख्या बेतहाशा बढेÞगी और सभी तरह की कवायद बेकार हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हम अब उन लोगों के लिए लड़ रहे हैं जो आज स्वस्थ हैं और जिंदा हैं। अगर हम जरूरी आपात कदम नहीं उठाते हैं तो स्वस्थ लोग भी इस बीमारी की चपेट में आते जाएंगे। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे हर दिन गुजरता जा रहा है, बीमार लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।

बीमारी पर अपनी सबसे हालिया स्थिति रिपोर्ट में डब्लूएचओ ने पापुआ न्यू गिनी, लाइबेरिया और सियरा लियोन के स्वास्थ्य मंत्रालयों की ओर से मुहैया कराई गई सूचना के आधार पर 8376 मामले सामने आने और इबोला से 4024 मौतें होने की खबर दी है।

वाशिंगटन से मिली खबरों के मुताबिक टेक्सास अस्पताल की नर्सों ने शिकायत की है कि गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्तियों का इलाज करने से संबंधित बहुत ही कम नियम और दिशा निर्देश उन्हें बताए गए हैं। पिछले सप्ताह टेक्सास अस्पताल में इबोला से ग्रस्त लाइबेरिया के एक मरीज की मौत हो गई थी। यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के प्रमुख थॉमस फ्रीडेन ने बताया कि इस हफ्ते के शुरू में स्वास्थ्य कर्मियों ने दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया था, जिसके कारण एक नर्स इस घातक विषाणु से संक्रमित हो गई।

लेकिन टेक्सास की नर्सों की एक यूनियन ने मंगलवार को इस बात को खारिज कर दिया। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं को बताया कि इबोला के लिए स्पष्ट दिशा निर्देश सभी जगह हैं लेकिन टेक्सास अस्पताल में इनका कोई वजूद नहीं है। संवाददाता सम्मेलन में नेशनल नर्सेस यूनाइटेड समूह के प्रमुख रोजीन डेमोरो ने कैलिफोर्निया से फोन पर बताया कि सीडीसी का कहना है कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ लेकिन नर्सों का कहना है कि वहां कोई प्रोटोकॉल (दिशा निर्देश) ही निर्धारित नहीं है।

 

 

 

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