विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को रूस की राजधानी मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने पुतिन से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के आगामी शिखर सम्मेलन में आपसे (व्लादिमीर पुतिन) मिलने और ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के लिए उनका स्वागत करने को लेकर उत्सुक हैं।
भारत अगले महीने दिल्ली में 18वें BRICS समिट की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें इस ग्रुप के 11 देशों के नेता एक साथ आएंगे।
दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी दो दिन की आधिकारिक यात्रा के दौरान रूस गए हैं। वहां रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन में राष्ट्रपति पुतिन के साथ उन्होंने बैठक की। जयशंकर ने पुतिन को सबसे पहले पीएम मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री का एक निजी संदेश भी रूसी राष्ट्रपति को दिया।
पीएम मोदी ने पुतिन को भेजा निजी संदेश
विदेश मंत्री ने पुतिन को दिन में हुई भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक के नतीजों के बारे में बताया और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया।
जयशंकर ने कहा, “सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ देना चाहूँगा। उन्होंने मुझे एक निजी संदेश दिया है जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूँ।”
उन्होंने कहा, “हमारी इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक हुई। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर हमारे पास आपको देने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है। मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, फर्टिलाइज़र, न्यूक्लियर और दूसरे क्षेत्रों में भी मैं इनके बारे में विस्तार से बात करके खुश होऊंगा। कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग काफी बढ़ा है।”
पीएम मोदी पुतिन से मिलने को उत्सुक
विदेश मंत्री ने पुतिन के साथ होने वाली हाई-लेवल मुलाकातों के लिए पीएम मोदी की योजनाओं के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी SCO समिट में आपसे मिलने, फिर BRICS समिट के लिए भारत में आपका स्वागत करने और बाद में, आप दोनों के मुताबिक, सालाना समिट करने के लिए उत्सुक हैं, ताकि हम सहयोग की एक बहुत मजबूत पिक्चर पेश कर सकें।”
विदेश मंत्री ने पुतिन का स्वागत करने के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए अपनी बात खत्म की। उन्होंने कहा, “और एक बार फिर, आज मेरा स्वागत करने के लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं।”
ब्रिक्स 11 देशों का समूह
ब्रिक्स दुनिया के 11 एशियाई विकासशील देशों का एक समूह है, जिनमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) शामिल हैं।
यह समूह सदस्य देशों के बीच वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श और सहयोग के लिए एक मंच का काम करता है। इन मुद्दों में वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक शासन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। आगामी शिखर सम्मेलन से सदस्य देशों को आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा करने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने का मौका मिलने की उम्मीद है।
पुतिन ने जयशंकर से मुलाकात की
इस बीच, पुतिन ने जयशंकर से मुलाकात की। इससे पहले जयशंकर ने रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ मिलकर व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर बनी अंतर-सरकारी रूसी-भारतीय आयोग की सह-अध्यक्षता की थी। जयशंकर का स्वागत करते हुए पुतिन ने कहा कि यह दौरा रूस और भारत के बीच कई दशकों से बने संबंधों को दिखाता है।
पुतिन ने कहा, “आज आपकी यात्रा रूस और भारत के बीच दशकों से चले आ रहे रिश्तों के स्तर को दिखाती है। हम लगभग सभी क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सरकारी संबंध, संसदीय संबंध और आर्थिक सहयोग शामिल हैं।”
रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा
उन्होंने इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार में हुई बढ़ोतरी का भी जिक्र किया और भारत-रूस संबंधों के विकास पर पीएम मोदी के व्यक्तिगत ध्यान को इसका श्रेय दिया। पुतिन ने आगे कहा, “मुझे यह देखकर खुशी है कि इस साल हमारा व्यापार बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है। इसका श्रेय मुख्य रूप से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है, जो रूस-भारत संबंधों को बेहतर बनाने पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दे रहे हैं।”
पीएम मोदी को दें मेरी शुभकामनाएं- पुतिन
रूसी राष्ट्रपति ने जयशंकर से पीएम मोदी को अपनी शुभकामनाएं पहुंचाने को भी कहा और SCO शिखर सम्मेलन के दौरान उनसे मिलने की उम्मीद जताई।
पुतिन ने कहा, “बातचीत की शुरुआत में, मैं आपसे मोदी तक मेरी शुभकामनाएं पहुंचाने के लिए कहना चाहूंगा। मुझे उम्मीद है कि एससीओ के तहत हमारी योजना के मुताबिक, मैं जल्द ही उनसे मिल सकूंगा। हमारा कार्यक्रम ऐसा है कि शायद हम इस साल फिर से मिल पाएंगे।”
रूस बढ़ा रहा फर्टिलाइजर की सप्लाई
रूसी राष्ट्रपति ने इंटरगवर्नमेंटल कमीशन के तहत जयशंकर और मंतुरोव के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया और बताया कि उनके एजेंडे में ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और हाई-टेक्नोलॉजी सहयोग जैसे मुद्दे शामिल थे।
पुतिन ने कहा, “ऐसे कई मुद्दे हैं। इनमें से एक मुद्दा एनर्जी ही नहीं है बल्कि इसमें फर्टिलाइजर की सप्लाई भी शामिल है। हम भारतीय किसानों और खेती के लिए इस मुद्दे को हल करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं; हम इसकी सप्लाई बढ़ा रहे हैं और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं। साथ ही, न्यूक्लियर एनर्जी, हाई-टेक सेक्टर में सहयोग और दूसरे क्षेत्रों से जुड़े सभी मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं और इन पर लगातार प्रगति हो रही है।”
रूस के दौरे पर कब तक हैं जयशंकर?
जयशंकर, रूसी फेडरेशन के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के निमंत्रण पर 23 से 24 अगस्त तक रूस की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इससे पहले दिन में, जयशंकर ने मंतुरोव के साथ व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता की।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो व्लादिमीर पुतिन से इस बारे में पूछेंगे कि क्या वो ईरान को पश्चिम एशिया में स्थित अमेरिकी बेसों पर हमला करने में मदद कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
