ताज़ा खबर
 

देश छोड़ भागी दुबई की “राजकुमारी”, तीन साल से थी कैद, पिता को 6 बीवियों से हैं 30 बच्चे

रिपोर्ट के मुताबिक शेख लातिफा इस वक्त दक्षिण भारत के समुद्री तट पर समंदर में किसी नाव में छुपी है। वह अपने वकील की मदद से अमेरिका में राजनीतिक शरण लेना चाहती है। अपना मुल्क छोड़ने से पहले लतीफा ने एक भावनात्मक वीडियो रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में वह अपने ऊपर हुए जुर्म के बारे में बताती है।

प्रतीकात्मक तस्वीर (Shutterstock Image)

खुद को दुबई के अरबपति शासक की बेटी बताने वाली एक युवती ने दावा किया है कि वह अपना देश छोड़कर भाग गई है। इस युवती ने ब्रिटिश वेबसाइट मेल ऑनलाइन यूके को भेजे एक वीडियो में कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात में उसपर जुर्म किया जाता था जबकि वह दुनिया की एक आम लड़की की तरह जिंदगी जीना चाहती थी। युवती का दावा है कि आजादी की इस चाहत ने उसे अपना मुल्क छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया। खुद को दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मख्तूम की बेटी बताने वाली ‘राजकुमारी’ ने कहा कि उसे उसके पिता ने तीन साल से कैद कर रखा था। युवती के मुताबिक वह पहले भी भागने की कोशिश कर चुकी थी, लेकिन इसमें नाकाम रही थी इसके बाद उसके पिता उस पर पहरा बिठा दिया। लड़की का दावा है कि उसके बागी रुख पर काबू पाने के लिए उसे डॉक्टरों ने नशीली दवाइयां खिलाई, ताकि वह शांत रह सके। हालांकि मेल ऑनलाइन अबतक इन दावों की पुष्टि नहीं कर सका है।

दुबई की इस राजकुमारी का नाम शेख लातिफा है। 33 साल की इस युवती ने दावा किया है कि वह अपने पिता के 30 बच्चों में से एक है। लातिफा के दावों के मुताबिक उसके पिता ने 6 शादियां की है। लातिफा कहती हैं कि उसका दुबई से भागना संभव नहीं हो पाता अगर एक पूर्व फ्रांसीसी जासूस ने उसकी मदद ना की होती। रिपोर्ट के मुताबिक शेख लातिफा इस वक्त दक्षिण भारत के समुद्री तट पर समंदर में किसी नाव में छुपी है। वह अपने वकील की मदद से अमेरिका में राजनीतिक शरण लेना चाहती है। अपना मुल्क छोड़ने से पहले लतीफा ने एक भावनात्मक वीडियो रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में वह अपने ऊपर हुए जुर्म के बारे में बताती है।

लातिफा ने दावा किया है कि उसे पिछले 17 सालों से अपने देश के बाहर जाने की इजाजत नहीं दी गई। उसे कार चलाने की अनुमति नहीं है। यही नहीं 24 घंटे उसके गतिविधियों की निगरानी की जाती है। लातिफा का कहना है कि उसके देश में उसे उतनी भी आजादी नहीं है जितना दूसरे मुल्कों के लोग यहां बतौर सैलानी आकर करते हैं। लातिफा के मुताबिक जब आपको आजादी होती है तो आप इसका मोल नहीं समझ पाते हैं, लेकिन अगर आप आजाद नहीं होते हैं तभी आपको इसकी अहमियत पता चलती  है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App