दुबई के शहजादे हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की तारीफ की है। हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को अस्पताल जाकर स्मित मच्छार से मुलाकात की और इसकी तस्वीरें X पर शेयर कीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन मच्छार से फोन पर बात की थी। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मच्छार की तारीफ की थी।
कॉकपिट में चाकू से किया हमला
कैप्टन स्मित मच्छार पर बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में चाकू से हमला किया गया था। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। विमान में 174 यात्री सवार थे। विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया।
बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक शहर में स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाईअड्डे की ओर मोड़ दिया गया था, जहां अधिकारियों ने अल-हम्मामी को हिरासत में ले लिया।
यूएई के उप प्रधानमंत्री भी हैं हमदान
हमदान बिन मोहम्मद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री भी हैं। हमदान ने कहा कि फ्लाईदुबई के पायलट ने ”साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।”
हमदान ने कहा कि हम उनकी सराहना करते हैं। उन्होंने कहा, ”हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं… हमारे देश की कहानी का हिस्सा हैं… और उन मूल्यों का हिस्सा हैं, जिनके लिए यूएई जाना जाता है… करुणा, शांति और जीवन को महत्व देने वाला देश।”
कैप्टन मच्छार की हालत में हो रहा सुधार
यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया है कि मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है और उनका इलाज जारी है। दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, ”कैप्टन स्मित का बेहतरीन इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है। हम उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हरसंभव सहयोग दे रहे हैं।” दूतावास ने मच्छार को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यूएई की सरकार का भी आभार व्यक्त किया।
यूएई ने कहा है कि को-पायलट ने आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की कोशिश की थी। घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्रियों और क्रू के सदस्यों को को-पायलट पर काबू पाने का मौका मिल गया।
हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई पहचान
कैप्टन मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है और वह ओमान का रहने वाला है। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (डब्ल्यूएसजे) ने इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से बताया कि अल-हम्मामी की कट्टरपंथी विचारधारा के कारण ओमान के अधिकारियों ने उसके विमान उड़ाने पर रोक लगा दी थी। डब्ल्यूएसजे की खबर के मुताबिक, हमाम अल-हम्मामी का पिता ओमान और मां सीरिया की रहने वाली है।
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बीजेपी ने सवाल पूछा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और गांधी परिवार भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर चुप क्यों है? यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
