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हिंदुओं को निशाना मत बनाओः पाकिस्तानी अखबार

एक पाकिस्तानी समालोचक ने हिन्दू अल्पसंख्यकों के लिए बेहद आक्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक निजी टीवी चैनल की निंदा की है।
Author इस्लामाबाद | April 18, 2016 09:58 am
पाकिस्तानी हिंदु (File Photo)

एक पाकिस्तानी समालोचक ने हिन्दू अल्पसंख्यकों के लिए बेहद आक्रामक और अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए एक निजी टीवी चैनल की निंदा की है।

पाकिस्तानी दैनिक समाचार पत्र ‘दी नेशन’ में प्रकाशित लेख में कहा गया कि जब कलाकार मजाकिया बनने की कोशिश में हिन्दुओं को गलत शब्द से संबोधित कर रहे थे तो दर्शक जोर जोर से हंस रहे थे।

टीकाकार ने कहा, मैं इसको लेकर चकित हूं कि कैसे इसके प्रसारण की इजाजत दी गई जबकि लाखों हिन्दू पाकिस्तान में रहते हैं।

लेख में कहा गया, दुर्भाग्यवश पाठ्य पुस्तकों से टाक शो और आम लोगों तक में हिन्दुओं को अपवित्र या हीन समझने की संस्कृति बनी हुई है। ऐसे लोगों की पसंद को धन्यवाद देता हूं जो हास्य सामग्री के जरिए इस घृणा को जीवित रखे हुए हैं।

टीकाकार ने कहा कि नरक की सभी सीमाएं तब टूट जाती हैं जब डोनाल्ड ट्रंप मुस्लिम समुदाय के लिए घृणास्पद टिप्पणी करते हैं।

लेख में कहा गया, मीलों दूर अमेरिका में बैठे नस्लवादियों को लेकर रोने से पहले कुछ आत्म निरीक्षण करना चाहिए कि हमारे देश के लोग जो मुसलमानों के आने के हजारों साल पहले से इस देश में रह रहे हैं उनके साथ हमलोग क्या कर रहे हैं।

‘‘इस देश में काफी लोग यह नहीं जानते होंगे, कि जो क्षेत्र आज का पाकिस्तानी गणराज्य है वह हिन्दूवाद की जन्मस्थली है। उस धर्म के अनुयायियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करना अति अपमानजनक है।’’

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  1. A
    almora
    Apr 18, 2016 at 5:17 am
    हमारी पहचान क्या है? ये ज़मीन या वो दीन जो हमारे बुज़ुर्गों पे मुसल्लत क्या गया? वो मन्त्र जो हमारे बुज़ुर्ग पढ़ते थे या वो कलमा जो हमें तलवार की नोक पे पढ़ने को मजबूर किया गया. जो हुआ सो हुआ, मगर आज भी मुझे उस कलाम को पढ़ने की इजाज़त नहीं जो मेरे बुज़ुर्ग पढ़ते थे. क्या मैं ताउम्र अरबों की ग़ुलामी को अपना नसीब और मुसतकबिल मान लूँ? नहीं. ...हरगिज़ नहीं......मैं इस ज़मीन की औलाद हूँ और रहूंगा. मुझे मेरे रहबरों की नसीहतों से परहेज़ और गुरेज़ है. मेरी तकदीर और पसंद यही है यही यही है.....सरज़मीं इ हिन्द..
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    1. T
      Tarsem Singh
      Apr 18, 2016 at 5:32 am
      Nice
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      1. Sanjay Patel
        Apr 18, 2016 at 6:48 am
        आपके जैसे सोच वाले कहाँ मिलते हैं। सलाम है आपको।
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        Reply
        1. Sanjay Patel
          Apr 18, 2016 at 6:47 am
          क्या बात कही है सां.... सलाम आपको
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          Reply