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श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने दी ‘मुस्लिम प्रभाकरन’ के सिर उठाने की चेतावनी! जानें क्या बोले सिरिसेना

श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अगर हम विभाजित और अलग हो जाते हैं तो पूरा देश हार जाएगा। एक और युद्ध शुरू हो जाएगा।’’ तीन कैथोलिक गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों पर एक स्थानीय इस्लामिक समूह द्वारा ईस्टर पर धमाके करने के बाद से मुस्लिम समुदाय पर हमले हो रहे हैं।

Author कोलंबो | June 10, 2019 11:37 AM
श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ भारतीय पीएम मोदी

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने ‘‘मुस्लिम प्रभाकरण’’ के सिर उठाने को लेकर चेतावनी देते हुए देश में सभी समुदायों के बीच एकता का आह्वान किया। देश में ईस्टर पर वीभत्स आतंकवादी हमला हुआ था। कभी लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के गढ़ रहे मुल्लैतिवु में बोल रहे सिरिसेना ने माना कि देश अब विभाजित हो गया हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि आज देश के धार्मिक नेता और नेता विभाजित हो गए हैं। कोलंबो गजट की खबर के अनुसार, राष्ट्रपति ने जनता से ‘‘मुस्लिम प्रभाकरण के सिर उठाने के लिए कोई भी गुंजाइश ना छोड़ने का अनुरोध किया।

उन्होंने आगाह किया, ‘‘अगर हम विभाजित और अलग हो जाते हैं तो पूरा देश हार जाएगा। एक और युद्ध शुरू हो जाएगा।’’ तीन कैथोलिक गिरजाघरों और तीन लग्जरी होटलों पर एक स्थानीय इस्लामिक समूह द्वारा ईस्टर पर धमाके करने के बाद से मुस्लिम समुदाय पर हमले हो रहे हैं।सिरिसेना उन नेताओं पर भी बरसे जिनका ध्यान इस साल होने वाले चुनावों पर है ना कि देश पर।

बीते ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ रविवार को दस दिनों के अंदर दूसरी बार मुलाकात की और दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि आतंकवाद ‘‘संयुक्त खतरा’’ है जिस पर संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है। श्रीलंका में अप्रैल में ईस्टर पर हुए आतंकवादी हमले के बाद मोदी देश के दौरे पर आए पहले विदेशी नेता हैं। उनका दौरा हमले के बाद श्रीलंका के साथ भारत की एकजुटता को दर्शाता है। राष्ट्रपति सिरिसेना के साथ वार्ता के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ मुलाकात हुई जो दस दिनों के अंदर दूसरी मुलाकात है। राष्ट्रपति सिरिसेना और मैं इस बात पर सहमत थे कि आतंकवाद संयुक्त खतरा है जिस पर संयुक्त कार्रवाई की जरूरत है। श्रीलंका के साझा, सुरक्षित और समृद्ध भविष्य के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि दोनों नेताओं ने परस्पर हित के द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। राष्ट्रपति सिरिसेना ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में भोज का आयोजन किया।

मोदी को अपने ‘‘विशेष मित्र’’ सिरिसेना से बुद्ध की समाधि वाली कलाकृति बतौर विशेष उपहार मिली। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, ‘‘खास मित्र से मिला विशेष उपहार। राष्ट्रपति मैत्रीपाला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बुद्ध की समाधि वाली कलाकृति उपहार में दी। इसे अनुराधापुर युग की बेहतरीन कलाकृति मानी जाती है। मूल कलाकति चौथी और सातवीं ईस्वी के बीच बनी थी।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘बुद्ध की समाधि वाली कलाकृति हाथ से बनाई गई है। इसे बनाने में लगभग दो वर्ष लगे। कलाकृति में बुद्ध जिस मुद्रा में बैठे हैं उस मुद्रा को ध्यान मुद्रा के नाम से जाना जाता है।’’ इससे पहले राष्ट्रपति सचिवालय जाने के रास्ते में प्रधानमंत्री मोदी का काफिला कोलंबो में कैथोलिक चर्च पहुंचा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के आवास राष्ट्रपति भवन परिसर में सदाबहार अशोक का पौधा लगाया। मोदी बतौर प्रधानमंत्री दूसरी बार शपथ लेने के बाद पहली विदेश यात्रा के दूसरे चरण में रविवार को श्रीलंका पहुंचे। उनकी यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति को महत्व की परिचायक है।  सिरिसेना ने राष्ट्रपति सचिवालय में मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने यहीं पर अशोक का पौधा लगाया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया है, ‘‘गहरी जड़ें। मजबूत संबंध। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने राष्ट्रपति भवन में पौधा लगाया।’’ पौधे के पास एक पट्टिका भी रखी गई है, जिस पर लिखा है ‘अशोक सरका अशोक’ पौधा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोलंबो में नौ जून, 2019 को रोपा।
राष्ट्रपति सिरिसेना ने अपने कैबिनेट सहयोगियों का परिचय प्रधानमंत्री मोदी से कराया। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। मोदी मालदीव से कोलंबो आए हैं। मालदीव में शनिवार को उन्होंने राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलीह से विभिन्न मुद्दों पर व्यापक बातचीत की।

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