अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि पिछले महीने तुर्किये दौरे के दौरान सुरक्षा खतरे की आशंका के चलते उन्हें एयर फोर्स वन छोड़कर दूसरे सैन्य विमान से यात्रा करनी पड़ी। ट्रंप ने कहा कि यह फैसला अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और सेना की सलाह पर लिया गया था।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ”मैं वही करता हूं जो सीक्रेट सर्विस और सेना कहती है। उन्होंने मुझसे दूसरे विमान से यात्रा करने को कहा। इसलिए मैंने ऐसा ही किया।”
एयर फोर्स वन पर हमले का था खतरा
ट्रंप ने बताया कि जिस विमान में वह यात्रा कर रहे थे, उसके निशाने पर होने की आशंका थी। उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि जिस विमान में मैं था, उसी पर हमला होने की संभावना ज्यादा थी। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने विमान बदलने का फैसला किया।”
कैटरिंग ट्रक से पहुंचाए गए दूसरे विमान तक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए तुर्किये की राजधानी अंकारा पहुंचे थे। इसी दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ईरान की ओर से एयर फोर्स वन पर मिसाइल हमले की विश्वसनीय धमकी की जानकारी मिली।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक विशेष ‘डिसेप्शन ऑपरेशन’ चलाया। ट्रंप को एयर फोर्स वन से चुपचाप उतारकर एयरपोर्ट के कैटरिंग ट्रक के जरिए रनवे पर खड़े एक बिना पहचान वाले सैन्य विमान तक ले जाया गया। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना के C-32A विमान से यात्रा पूरी की।
पत्रकारों और स्टाफ को भी नहीं थी जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की वास्तविक लोकेशन को उनके साथ यात्रा कर रहे पत्रकारों और यहां तक कि व्हाइट हाउस के कुछ अधिकारियों से भी छिपाकर रखा गया।
पत्रकारों को विमान के प्रेस केबिन की खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे। इस पर ट्रंप ने कहा, ”वे शायद एक खतरनाक उड़ान पर थे। लेकिन अगर मैं जाता हूं तो आप भी जाते हैं।”
कतर के उपहार वाले नए एयर फोर्स वन की पहली विदेश यात्रा
यह दौरा हाल ही में कतर द्वारा उपहार में दिए गए और अपग्रेड किए गए बोइंग 747-8 एयर फोर्स वन की पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी थी। इस विमान के तेजी से किए गए अपग्रेड को लेकर पहले से ही लागत और सुरक्षा संबंधी सवाल उठते रहे हैं।
ईरान होर्मुज खोलने को हो जाए तैयार तो ट्रंप दरकिनार कर देंगे परमाणु मुद्दा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ चल रहे जंग से अब बाहर निकलना चाहते हैं। ट्रंप इस मामले को लेकर बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रहे हैं क्योंकि चल रहे विवाद को सुलझाना उनके लिए लगातार मुश्किल बनता जा रहा है।
अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान होर्मुज जलमार्ग (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से फिर से खोल देता है, तो ट्रंप प्रशासन परमाणु मुद्दे को एक तरफ रखकर जीत का ऐलान करने के लिए तैयार हो सकता है।
