अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने ईरान युद्ध और द्विपक्षीय व्यापारिक मतभेदों समेत कई मुद्दों पर बृहस्पतिवार को चर्चा शुरू की। ट्रंप ने इसे अब तक की सबसे बड़ी शिखर बैठक बताया। उन्होंने शी जिनपिंग के साथ अपनी पहली बैठक में कहा कि वह उनके साथ बड़ी चर्चा को लेकर उत्साहित हैं। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने शी जिनपिंग को 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में आने का न्योता दिया
बीजिंग स्थित ‘ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल’ में शी जिनपिंग के साथ वार्ता के दौरान ट्रंप ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा, ”कुछ लोग कहते हैं कि यह शायद अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन है।” यह नौ सालों में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की पहली चीन यात्रा है। इससे पहले ट्रंप ने ही अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में चीन की यात्रा की थी। ट्रंप ने कहा कि जब कठिनाइयां आईं तो हमने उनका समाधान निकाला।” तीन दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”हमारा भविष्य साथ मिलकर शानदार होगा।”
अमेरिका-चीन संबंधों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा, “शुरू से ही हमारे नागरिकों में आपसी सम्मान की गहरी भावना रही है। संस्थापक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने अपने समाचार पत्र में कन्फ्यूशियस के कथनों को प्रकाशित किया था और आज अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय में उकेरी गई यह मूर्ति प्राचीन चीनी ऋषियों द्वारा प्रदत्त कथनों को अत्यंत गर्व से दर्शाती है।”
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी और चीनी लोगों के बीच संबंध अमेरिका की स्थापना के समय से ही चले आ रहे हैं। चीन में पहले अमेरिकी कौंसुल, सैमुअल शॉ, 1784 में इन तटों पर पहुंचने वाले पहले अमेरिकी व्यापारिक जहाज पर आए थे। ढाई शताब्दियों बाद, वह पहला संबंध विश्व इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक बन गया है।”
ट्रंप को जिनपिंग की चेतावनी
चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ट्रंप ने जिनपिंग को महान नेता बताया। दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक दो घंटे से अधिक समय तक चली। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे की सफलता और समृद्धि में सहयोग करना चाहिए और बड़ी शक्तियों के बीच बेहतर संबंधों का सही रास्ता खोजना चाहिए।
शी जिनपिंग ने ट्रंप से कहा कि अगर ताइवान का मामला ठीक से संभाला गया तो अमेरिका-चीन संबंध कुल मिलाकर स्थिर रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोनों देशों के बीच टकराव और यहां तक कि संघर्ष का खतरा है, जिससे पूरे संबंध गंभीर संकट में पड़ जाएंगे।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मीटिंग में क्या बोले ट्रंप
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीजिंग में हुई अहम द्विपक्षीय बैठक ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ पुराने रिश्तों और भरोसे को याद करते हुए भविष्य में भी मजबूत साझेदारी की उम्मीद जताई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
