राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका-इजरायल का सैन्य अभियान समाप्त होने के बाद ईरानी शासन के भीतर से ही किसी व्यक्ति का सत्ता संभालना सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। वाशिंगटन में राष्ट्रपति कार्यालय ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन इस बात के समर्थन में नहीं है कि ईरान के अंतिम के शाह के बेटे रजा पहलवी सत्ता संभालें। वर्तमान में, पहलवी निर्वासन में रह रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का वायु रक्षा तंत्र खत्म हो गया है। ईरान में सबकुछ समाप्त हो गया है। इधर, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य हमले मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहे। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर नए हवाई हमले किए। तेहरान में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, गोलेस्तान पैलेस, हवाई हमले में क्षतिग्रस्त हो गया।
इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान में लक्षित ताबड़तोड़ हमले किए। लेबनान में ईरान और हिज्बुल्ला के ठिकानों को निशाना बनाया। उधर, ईरान ने दुबई के पास स्थित आस्ट्रेलियाई हवाई अड्डे को निशाना बनाया और सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला किया। इसके साथ ही ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दी और कहा कि यहां से गुजरने वाले जहाजों पर हमला करेंगे।
ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत
खबरों के अनुसार, इजरायल और अमेरिका के हवाई हमलों में अब तक ईरान में कम से कम 787 लोगों की मौत हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब कहा है कि वार्ता के लिए अब बहुत देर हो चुकी है। अमेरिका-इजरायल ने उस भवन पर हमले का दावा किया, जिसमें ईरान के नए सर्वोच्च नेता को चुनने की प्रक्रिया होनी थी। दावा किया गया है कि इस हमले में ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री की मौत हो गई।
मीडिया में आई खबर के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी ईरान में एक एअर बेस को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों में कम से कम 13 ईरानी सैनिक मारे गए। ईरानी मिसाइलों हमलों में इजरायल में 11 लोग मारे गए। अमेरिका और इजरायल ने मंगलवार ईरान पर नए हवाई हमले किए। तेहरान में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, गोलेस्तान पैलेस, हवाई हमले में क्षतिग्रस्त हो गए, तेहरान और बेरूत में भीषण हमले हुए और पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।
इजरायल ने दक्षिण लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे
इजरायल ने हिज्बुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखते हुए मंगलवार को दक्षिणी लेबनान में अतिरिक्त सैनिक भेजे और 80 से अधिक गांवों के निवासियों को जगह छोड़कर चले जाने को कहा। वहीं, ईरान समर्थित आतंकवादी समूह हिजबुल्ला ने कहा कि वह आमने-सामने के युद्ध के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही अस्थिर स्थिति और बिगड़ गई है।
लेबनान की सरकारी समाचार एजंसी ‘नेशनल न्यूज एजंसी’ ने बताया कि लेबनानी सेना इजरायल सीमा के पास स्थित अपनी कुछ चौकियों को खाली कर रही है। सैनिकों को अन्य ठिकानों पर पुन: तैनात किया जा रहा है। यह रपट ऐसे समय में आई है जब इजरायल की सेना ने कहा कि वह इजरायल-लेबनान सीमा के भीतर लेबनानी क्षेत्र में अभियान चला रही है।
इजरायल की ओर से दावा किया गया कि इजरायली वायु सेना ने ईरानी शहर कोम में एक भवन पर हमला किया, जहां वरिष्ठ मौलवी ईरान के नए प्रमुख नेता को चुनने के लिए इकट्ठा हुए थे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि हमले के समय कितने लोग भवन में थे। दावा किया जा रहा है कि इस हमने में ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री की मौत हो गई।
सऊदी का अमेरिकियों से दूतावास से दूर रहने का आग्रह
सऊदी अरब ने ईरानी ड्रोन हमले की बात स्वीकार की और अमेरिकियों से फिलहाल दूतावास से दूर रहने का आग्रह किया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हुए हमले में मामूली नुकसान हुआ। दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि हमले के कारण अगली सूचना तक दूतावास में न आएं।
इसमें कहा गया कि जिन लोगों को वीजा संबंधी काम की खातिर दूतावास आने के लिए समय दिया गया था, उन्हें अब आने से मना कर दिया गया है। वहीं, कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर हुए हमले के बाद मंगलवार को उसे अगले आदेश तक बंद रखने की घोषणा की गई। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन, जार्डन और संयुक्त अरब अमीरात समेत छह देशों में अपने उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है, जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है।
नतांज परमाणु स्थल को कुछ नुकसान हुआ
दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों वाले संयुक्त अरब अमीरात को लंबे समय से पश्चिम एशिया का एक सुरक्षित क्षेत्र माना जाता रहा है लेकिन हमलों के कारण उसे भी ईरान युद्ध में घसीट लिया गया है।
मंत्रालय ने आनलाइन जारी घोषणा में कहा कि यह निर्णय ‘सुरक्षा जोखिमों’ के कारण लिया गया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ जारी युद्ध के मद्देनजर बहरीन, इराक, जार्डन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले अमेरिकियों से देश छोड़ने का आग्रह किया है। संघर्ष शुरू होने के बाद हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण बड़ी संख्या में लोग पश्चिम एशिया में फंसे हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों के बीच ईरान के नतांज परमाणु स्थल को हाल में कुछ नुकसान हुआ है लेकिन इससे कोई विकिरण होने की आशंका नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने बताया कि क्षति मुख्य रूप से परमाणु स्थल के भूमिगत हिस्से के प्रवेश भवनों’ तक सीमित है।
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राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी को ईरान संंकट पर बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विवाद पर अब भी चुप रहने से दुनिया में भारत की हैसियत कम होती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
