अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (स्थानीय समय) को जन्म से नागरिकता (Birthright Citizenship) के मुद्दे पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की। कोर्ट ने अवैध प्रवासियों और अस्थायी वीजा पर आए लोगों के बच्चों की जन्म से नागरिकता खत्म करने संबंधी ट्रंप के आदेश को खारिज कर दिया।

फैसले के बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को तंज भरे अंदाज में बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला ‘बर्थ टूरिज्म’ को बढ़ावा देगा और इसे चीन की बड़ी जीत बताया। उन्होंने लिखा, “मैं राष्ट्रपति शी और चीन को जन्म से नागरिकता के मुद्दे पर मिली इस बड़ी जीत के लिए बधाई देता हूं।”

ट्रंप का कहना है कि इस फैसले से ‘बर्थ टूरिज्म’ (बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका जाकर जन्म देना) को बढ़ावा मिलेगा।

अमेरिका में जन्मे बच्चों को खुद मिल जाएगी नागरिकता

यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) के अधिकार को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को, चाहे उनके माता-पिता अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी वीजा पर आए हों, संविधान के 14वें संशोधन के तहत स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलेगी।

ट्रंप के बयान से यह संकेत मिला कि उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला चीन सहित दूसरे देशों के नागरिकों के लिए फायदेमंद होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को भी खारिज कर दिया जिसमें जन्मसिद्ध नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने दोहराया कि अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले लोगों को नागरिकता का अधिकार संविधान देता है और यह पहले के फैसलों के अनुरूप है।

हालांकि कुछ कंजर्वेटिव जजों ने इस फैसले से असहमति जताई लेकिन नागरिक अधिकार संगठनों ने इसका स्वागत किया। उनका कहना है कि यह फैसला देशभर के प्रवासी समुदायों के लिए बड़ी राहत है।

फैसले से जुड़े दस्तावेज

अमेरिकी समाचार चैनल CNN ने अदालत के फैसले से जुड़े दस्तावेज शेयर किए। इस फैसले में कहा गया है कि अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को, भले ही उनके माता-पिता अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी वीजा पर हों, संविधान के 14वें संशोधन (Fourteenth Amendment) के नागरिकता प्रावधान के तहत स्वतः अमेरिकी नागरिकता मिलेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में United States v. Wong Kim Ark मामले में दिए गए पुराने फैसले का भी हवाला दिया। उस ऐतिहासिक फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया था कि अमेरिका में विदेशी माता-पिता से जन्मे बच्चों को भी जन्मसिद्ध अमेरिकी नागरिकता का अधिकार प्राप्त है।

CNN के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वकीलों की प्रमुख दलीलों में से एक यह थी कि 14वें संशोधन के तहत जन्मसिद्ध नागरिकता पाने के लिए व्यक्ति का अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का इरादा (Domicile) होना भी जरूरी है।

सुनवाई के दौरान अमेरिका के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा, ”नागरिकता पहले भी और आज भी अधिकारों का आधार है। यह लोगों को हमारे राजनीतिक समुदाय में स्वतंत्र रूप से भाग लेने का अधिकार देती है। 14वें संशोधन के निर्माताओं ने इस अधिकार का विस्तार ‘इस देश में जन्म लेने वाले हर स्वतंत्र व्यक्ति’ तक किया था और आज भी हम उसी वादे को निभा रहे हैं।”

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आपको बता दें कि अपने दूसरे कार्यकाल के चुनाव अभियान में ट्रंप ने ‘बर्थ टूरिज्म’ (बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका जाकर जन्म देना) पर रोक लगाने को प्रमुख मुद्दा बनाया था। सत्ता में लौटने के बाद उनकी सरकार ने वैध और अवैध दोनों तरह के आव्रजन (इमिग्रेशन) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

जन्मसिद्ध नागरिकता खत्म करने की कोशिश खारिज

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका में जन्मसिद्ध नागरिकता (Birthright Citizenship) को सीमित करने की कोशिश को खारिज कर दिया। न्यायाधीशों ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश में अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिया गया था कि अगर अमेरिका में जन्मे किसी बच्चे के माता-पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड होल्डर) नहीं है तो उस बच्चे को अमेरिकी नागरिक के रूप में मान्यता न दी जाए।