अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, “ईरान द्वारा फर्जी खबरों में लीक की गई शर्तें लिखित रूप में हुए समझौते की शर्तों से बिलकुल अलग हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा जिसमें समझौते को लेकर उनका कमजोर और दयनीय बयान भी शामिल है, उसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। इनके साथ सद्भावना से व्यवहार करने जैसी कोई बात नहीं है।”

ट्रंप ने आगे कहा, “कल रात होर्मुज जलमार्ग से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका ड्रोन हमला, जिसे पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया, कतई अस्वीकार्य है। उन्हें जल्द से जल्द अपनी हरकतें सुधारनी होंगी।”

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने का समझौता लगभग तय हो चुका है और इस पर वीकेंड तक यूरोप में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने यह बयान ईरान के तेल उद्योग पर कब्जा करने की धमकी देने के कुछ घंटों बाद इस्लामिक गणराज्य पर सैन्य हमले रोकने की घोषणा करते हुए दिया।

ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने का समझौता तय- ट्रंप

ट्रंप ने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से कहा था कि उपराष्ट्रपति जे डी वेंस समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं जो संभवतः इस वीकेंड यूरोप में आयोजित होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने वार्ता के नए दौर को लेकर कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत और पाकिस्तान समेत पश्चिम एशिया के कई देशों के नेताओं से बातचीत की है।

ट्रंप बोले- ईरान ने कभी परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई

जॉर्जिया में एक डिजिटल रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा, ”मुझे नहीं पता कि आपने सुना या नहीं लेकिन आज हमने ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर दिया है और उन्होंने कभी परमाणु हथियार न रखने पर सहमति जताई है। यही हमारी प्रमुख शर्त थी और इसी उद्देश्य से यह सब किया गया था।

ट्रंप ने कहा, ”वे किसी भी रूप में परमाणु हथियार न खरीदेंगे, न विकसित करेंगे और न ही उनके पास परमाणु हथियार होगा।” ईरान के समझौते पर सहमत होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”उन्हें इतनी भारी मार झेलनी पड़ी है, जितनी बहुत कम लोग झेल सकते हैं। मुझसे भी ज्यादा उन्हें इस समझौते को करने की इच्छा थी।” पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें