अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान पर तय अमेरिका हमले को टालने के लिए पाकिस्तान को क्रेडिट दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ने के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान को थोड़ी छूट दी है।

ट्रंप ने गुरुवार को ईरान पर फिर से कड़ी कार्रवाई करने की घोषणा की थी, लेकिन हमले के तीन घंटे पहले उन्होंने इस टाल दिया और कहा कि वार्ताकारों की ओर से ईरान के साथ एक शानदार समझौता होने के कारण वह हमले रद्द कर रहे हैं।

पाकिस्तान क्षेत्र में शांतिदूत बनने की कोशिश कर रहा

पाकिस्तान के बारे में डोनाल्ड ट्रंप की इस टिप्पणी को एक अप्रत्याशित कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान खुद को एशिया महाद्वीप में शांतिदूत के तौर पेश करने की कोशिश कर रहा है।

जानकारी दे दें कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव कम होने से ग्लोबल ऑयल मार्केट में स्थिरता आ सकती है। भारत के लिए भी इस तनाव के कम होने से सप्लाई में रुकावट और ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी का खतरा भी कम हो जाएगा।

ट्रंप ने कहा खाड़ी के कई देशों में मजूंरी दी

सोशल मीडिया पर ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका ईरान पर “आज रात बहुत सख्त” हमला करेगा और उसके तेल और गैस उद्योगों पर “पूर्ण नियंत्रण” ले लेगा। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ने ओवल ऑफिस कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान घोषणा की, “हमने ईरान के साथ युद्ध का एक बड़ा समझौता किया है।”

ट्रंप ने कहा कि प्रस्तावित समझौते की चर्चाओं और अंतिम बिंदुओं को अमेरिका, यूएई, कतर, इजराइल, सऊदी अरब, तुर्किये, बहरीन, कुवैत, पाकिस्तान, जॉर्डन और मिस्र सहित सभी पक्षों की ओर से “कान्सेप्ट और डिटेल” दोनों में मंजूर किया गया है।

ट्रंप ने अपने बयान में खास तौर पर पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, ईरान को किसी समझौते पर राजी करने की कोशिशें जारी रखे हुए था। सऊदी अरब ने भी कतर के साथ मिलकर संबंधित पक्षों को “पाकिस्तान के भाईचारे वाले इस्लामिक गणराज्य की देखरेख में होने वाली रचनात्मक बातचीत” में लौटने के लिए लगातार मनाया।

ईरान ने क्या कहा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि यह डील “काफी हद तक तय हो चुकी है”। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की तरफ से विरोधाभासी बातों के कारण इस प्रक्रिया में उथल-पुथल मची। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों ने आधिकारिक तौर पर संघर्ष-विराम को खत्म किए बिना ही, उसे “असल में बेमतलब का बना दिया है।”

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, “ईरान द्वारा फर्जी खबरों में लीक की गई शर्तें लिखित रूप में हुए समझौते की शर्तों से बिलकुल अलग हैं। उन्होंने जो कुछ भी कहा जिसमें समझौते को लेकर उनका कमजोर और दयनीय बयान भी शामिल है, उसका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। इनके साथ सद्भावना से व्यवहार करने जैसी कोई बात नहीं है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें