ईरान और अमेरिका के बीच जारी दो हफ्ते का सीजफायर आगे बढ़ेगा या नहीं, इस पर संशय बरकरार है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कहा गया है कि उनकी सेना ईरान का हर एक पुल और पावर प्लांट एक घंटे में बर्बाद कर सकती है।

एक अन्य बयान में उन्होंने होर्मुज जलमार्ग को लेकर चीन पर तंज भी कसा है। चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीदार है और इस समय अमेरिका की नौसेना ने होर्मुज जलमार्ग की नाकेबंदी की हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन और अमेरिका मिलकर काम कर रहे हैं। चीन खुश है कि वो होर्मुज जलमार्ग खोल रहे हैं।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ” चीन खुश है कि मैं हमेशा के लिए होर्मुज जलमार्ग खोल रहा हूं। मैं यह उनके लिए कर रहा हूं और बाकी दुनिया के ललिए भी। अब ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी। वो ईरान हथियार न भेजने के लिए राजी हो गए हैं।”

सीजफायर आगे बढ़ाने पर अब तक नहीं बनी सहमति

अमेरिकी के एक सीनियर अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ने ईरान के साथ अपने संघर्ष-विराम को बढ़ाने पर औपचारिक रूप से सहमति नहीं दी है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “किसी समझौते तक पहुंचने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत लगातार जारी है।”

ईरान की सरकारी मीडिया की तरफ से भी कहा गया है कि सीजफायर विस्तार को लेकर आ रही खबरों की पुष्टि नहीं की जा सकी है। आपको बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की समयसीमा 22 अप्रैल को खत्म हो रही है।

ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि बातचीत के लिए अभी कोई तारीख फिक्स नहीं की गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की तरफ से अपनी फ्रीज की गई संपत्तियों की मांग की गई थी, जिस पर अमेरिका के साथ कोई सहमति नहीं बन सकी।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सैटेलाइट से मिली तस्वीरों और डेटा के आधार पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की योजना बनाई गई। ये तस्वीरें मार्च महीने में हमलों से पहले और बाद की बताई गई हैं, जिनमें अमेरिकी ठिकानों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें