अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म से नागरिकता (Birthright Citizenship) को खत्म करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जन्म से नागरिकता गुलामों के बच्चों के लिए थी, न कि चीनी अरबपतियों के लिए। ट्रंप ने अपना यह बयान तब दिया है कि जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही जन्म से नागरिकता पर सुनवाई करने वाली है।
उन्होंने कहा, हम दुनिया के एकमात्र ऐसे देश हैं, जहां यह जन्म से नागरिकता अभी भी मौजूद है। आप हमारे देश आते हैं और अचानक आप नागरिक बन जाते हैं- यह चीनी अरबपतियों के लिए नहीं थी, यह गुलामों के बच्चों के लिए थी।
खिलाफ फैसला दिया तो शर्मनाक बात होगी- ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा कि अगर अमेरिका में जन्म से नागरिकता को लेकर चल रही लड़ाई में जज उनके खिलाफ फैसला देते हैं तो यह बेहद शर्मनाक बात होगी। जानकारी दे दें कि इस मामले में जल्द फैसला आ सकता है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का कार्यकाल अब खत्म होने वाला है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की खुलेआम आलोचना करके और बेंच के लिए खुद के नामित जजों से समर्थन की मांग की है।
व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इस बार जोर दिया कि कोर्ट उनका समर्थन करे, क्योंकि वह अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लोगों को मिलने वाले स्वत: नागरिकता के अधिकारों पर रोक लगाना चाहते हैं। साथ ही अमेरिकी के राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि उन्हें लगता है कि कोर्ट अंतत: जन्म से नागरिकता को प्राप्त संवैधानिक सुरक्षा को बरकरार रख सकती है। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट ऐसा होने देता है, तो यह बेहद शर्मनाक होगा।”
‘कानून बना रहा तो आर्थिक आपदा साबित होगा’
इस मामले को कोर्ट के सामने सबसे अहम मामलों में से एक बताते हुए, ट्रंप ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला बहुत बड़ा है। वे शायद मेरे खिलाफ ही फैसला देंगे, क्योंकि ऐसा लगता है कि उन्हें ऐसा करना अच्छा लगता है। ट्रंप ने आगे कहा कि अगर जन्म से नागरिकता कानून बना रहता है, तो यह देश के लिए एक आर्थिक आपदा साबित होगा।
हालांकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक यह संकेत नहीं दिया है कि वह इस मामले में अपना फैसला कब सुनाएगा। यह मामला ट्रंप के बड़े इमिग्रेशन एजेंडा का मुख्य हिस्सा है, जिसका मकसद इमिग्रेशन पर नियंत्रण कड़ा करना और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों को देश से बाहर निकालना है।
ट्रंप ने शक्तियों का उल्लंघन किया
इधर ट्रंप के आलोचकों का कहना है कि जन्म से नागरिकता अमेरिकी संविधान के तहत स्पष्ट रूप से संरक्षित है और राष्ट्रपति ने अपनी कार्यकारी शक्तियों की सीमाओं का उल्लंघन किया है।
हालांकि नौ सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट में कंजर्वेटिव्स बहुमत में हैं फिर भी जजों ने हर नीतिगत मामले पर लगातार ट्रंप के खिलाफ फैसले दिए हैं। जजों के बीच संभावित स्विंग वोटिस (निर्णायक वोटों) का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, “यह सब कुछ गिने-चुने लोगों पर निर्भर है और मुझे उम्मीद है कि वे वही करेंगे जो सही है।”
इससे पहले एक अप्रैल को डोनाल्ड ट्रंप जन्म से नागरिकता से जुड़े मामले की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। ऐसा करके वे ऐसे किसी भी मामले की सुनवाई में दर्शकों के बीच शामिल हने वाले अमेरिका के पहले मौजूदा राष्ट्रपति बन गए हैं।
कैसे शुरू हुआ यह विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब पिछले साल डोनाल्ड ट्रंप ने एक आदेश पर साइन किए, जिसमें यह कहा गया कि अमेरिका में बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों या अस्थायी वीजा पर आए लोगों के यहां पैदा होने वाले बच्चों को अब अपने आप अमेरिकी नागरिता नहीं मिलेगी।
बाद में कई निचली अदालतों ने इस आदेश को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया और फैसला सुनाया कि 14वें संशोधन के तहत नागरिकता खंड अमेरिका की धरती पर पैदा हुए लगभग हर व्यक्ति को नागरिकता की गारंटी देता है।
बाद में कई निचली अदालतों ने इस आदेश को असंवैधानिक मानते हुए रद्द कर दिया और फैसला सुनाया कि 14वें संशोधन के तहत नागरिकता खंड अमेरिकी धरती पर पैदा हुए लगभग हर व्यक्ति को नागरिकता की गारंटी देता है।
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ईरान और अमेरिका के बीच अप्रैल में शुरू हुए 6 हफ्तों के युद्धविराम पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों को फिर से शुरू करने की धमकी दी है, वहीं ईरान ने कथित तौर पर अपने कुछ ड्रोन का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है। ईरानी सेना तेजी से कुछ सैन्य क्षमताओं का पुनर्निर्माण कर रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
