अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस रवाना होने से पहले ईरान के साथ शांति समझौते के ड्राफ्ट पर सहमति की घोषणा की। इससे पश्चिम एशिया में करीब 107 दिनों से जारी युद्ध समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन में बोलते हुए चेतावनी दी कि ईरान को तब तक प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी जब तक वह वाशिंगटन के साथ हुए नए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं कर लेता।
ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते का ड्राफ्ट शुक्रवार के बाद कभी भी जारी किया जाएगा। रॉयटर्स और सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पहले कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता ज्ञापन पर ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “अमेरिका-ईरान समझौता पूरी तरह से साइन हो चुका है और होर्मुज जलमार्ग आंशिक रूप से खुल चुका है। जहाज अब बाहर जाने लगे हैं और शुक्रवार को यह पूरी तरह से खुल जाएगा।”
ट्रंप ने आगे कहा, “ईरान के साथ हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं, नेताओं का यह एक अलग समूह है। हमने तीसरे समूह को बहुत ही चतुर और मजबूत पाया आखिरकार हमने एक समझौता कर लिया। मुझे बहुत बुरा लगा कि मुझे दो रातों तक हमले से पीछे हटना पड़ा और मुझे तीसरी रात के बारे में भी लगा लेकिन हमने ऐसा होने से पहले ही समझौता कर लिया लेकिन मुझे लगता है कि मध्य पूर्व में इस समय बहुत सी अच्छी चीजें होने वाली हैं।”
ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा, “सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं और शेयर बाजार आज रॉकेट की तरह ऊपर जा रहा है। मुख्य बात यह है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे, वे इस पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं। हमने बहुत अच्छा काम किया है और उम्मीद है कि यह एक अच्छा संबंध होगा और हम एक-दूसरे के साथ अच्छे से रहेंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो हम वहीं वापस चले जाएंगे जहां से हमने शुरुआत की थी लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा। यह आवश्यक होने वाला है।
ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान ने अपने 107 दिन लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को कहा कि उनका देश स्विट्जरलैंड में 19 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित किये जाने वाले समारोह की मेजबानी करेगा।
ट्रंप ने रविवार शाम को ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा चुका है। सभी को बधाई।” इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा बाजारों ने राहत की सांस ली है। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते के बाद होर्मुज जलमार्ग फिर से खोला जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। ट्रंप ने कहा, “मैं मुक्त आवाजाही के लिए होर्मुज जलमार्ग को तत्काल पूरी तरह खोलने और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने की मंजूरी देता हूं। दुनिया के जहाजों, इंजन चालू करो, तेल का प्रवाह होने दो।” हालांकि, एक अन्य पोस्ट में ट्रंप ने साफ किया कि होर्मुज जलमार्ग शुक्रवार को समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर होने के बाद ही खोला जाएगा।
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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत सीज़फ़ायर को 60 दिनों के लिए बढ़ाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वह ईरानी पोर्ट्स से नेवल की नाकाबंदी को तुरंत हटाने की मंज़ूरी दे रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
