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डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया नेटवर्कों का लाइसेंस रद्द करने की दी धमकी, NBC न्‍यूज को कहा ‘फेक न्‍यूज’

ट्रंप और उनके सहयोगियों ने मीडिया की कुछ संवेदनशील रिपोर्टों को गलत बताने के लिए बार-बार ‘‘फर्जी खबरें’’ शब्द का इस्तेमाल किया है, लेकिन इन्हें गलत बताने के लिए कोई सबूत उपलब्ध नहीं कराए हैं।
Author नई दिल्ली | October 12, 2017 15:27 pm
अमेरिकी राष्ट्रपति एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट से नाराज हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी परमाणु नीति पर दिखाए गए एक समाचार को लेकर धमकी दी है कि वह सभी बड़े अमेरिकी समाचार नेटवर्कों के प्रसारण अधिकार रद्द कर देंगे। ट्रंप ने उन सभी पर ‘‘फर्जी समाचार’’ का प्रचार-प्रसार करने में शामिल होने का आरोप लगाया है। ट्रंप और उनके सहयोगियों ने मीडिया की इन संवेदनशील रिपोर्टों को गलत बताने के लिए बार-बार ‘‘फर्जी खबरें’’ शब्द का इस्तेमाल किया है, लेकिन इन्हें गलत बताने के लिए कोई सबूत उपलब्ध नहीं कराए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति, एनबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट से नाराज थे, जिसमें कहा गया था कि ट्रंप अपने परमाणु हथियारों में दस गुणा बढ़ोतरी चाहते हैं। ट्रंप ने इस समाचार को ‘‘बनावटी’’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘एनबीसी और अन्य माध्यमों से आ रही सभी फर्जी खबरों को देखते हुए क्या उनके लाइसेंस को चुनौती देना उचित रहेगा? यह देश के लिए बुरा है।’’ ट्रंप ने बुधवार रात एक ट्वीट कर कहा, ‘‘समाचार नेटवर्क इतने पक्षपातपूर्ण, विकृत और फर्जी हो गए हैं कि उनके लाइसेंसों को चुनौती देनी होगी और उचित लगने पर रद्द भी करना होगा।’’

उन्होंने कहा कि यह खबर असत्य है कि वह परमाणु हथियारों में वृद्धि चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि इस साल नोबेल शांति पुरस्कार पाने वाले संस्थान द्वारा सर्मिथत परमाणु हथियार निषेध संधि पर कुछ दिनों पहले अमेरिका का कहना था कि उसका इसपर हस्ताक्षर करने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, उसने ‘परमाणु नि:शस्त्रीकरण के लिए वातावरण’ तैयार पर अपनी प्रतिबद्धता जताई थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एएफपी को बताया था, “आज की घोषणा से संधि पर अमेरिका के रुख में बदलाव नहीं आएगा। अमेरिका इसका समर्थन नहीं करता है और वह ‘परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने वाली संधि’ पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।”

प्रवक्ता ने कहा, “यह संधि दुनिया को ज्यादा शांतिपूर्ण नहीं बनाएगी, इससे एक भी परमाणु हथियार का उन्मूलन नहीं होगा और न ही इससे किसी देश की सुरक्षा बढ़ेगी।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विश्व में परमाणु हथियार से लैस देशों में से किसी ने भी इस संधि का अभी तक समर्थन नहीं किया है।

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