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डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में मारे गए मुस्लिम अमेरिकी सैनिक के पिता को लताड़ा

सैनिक के पिता ने रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘देश के लिए कोई बलिदान नहीं दिया है।’

Author वॉशिंगटन | July 31, 2016 5:41 PM
रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप। (AP Photo/David Zalubowski)

डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध में मारे गए मुस्लिम अमेरिकी सैनिक के पिता को फटकारते हुए कहा कि उन्होंने हजारों रोजगारों का सृजन किया है और सवाल उठाया कि क्या सैनिक की मां को कभी बोलने की भी ‘इजाजत’ दी जाती है। सैनिक के पिता ने रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ट्रंप के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था कि उन्होंने ‘देश के लिए कोई बलिदान नहीं दिया है।’ सैना के कैप्टन हुमायूं खान के अभिभावकों पर ट्रंप ने समाचार चैनल के जरिए जो टिप्पणी की है उसकी चौतरफा आलोचना हुई है। उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन समेत खुद ट्रंप की पार्टी ने उनके इस बयान की आलोचना की है।

एबीसी न्यूज के साथ साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, ‘यह किसने लिखा है? क्या हिलेरी के पटकथा लेखकों ने ऐसा लिखा है? मुझे लगता है कि मैंने कई त्याग किए हैं। मैं बहुत, बहुत ज्यादा मेहनत करता हूं।’ हुमायूं के पिता खिज्र खान ने फिलाडेल्फिया में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन में अपने बेटे के लिए मरणोपरांत ब्रांज स्टार और पर्पल हार्ट पुरस्कार स्वीकार करते हुए देशभर के दर्शकों को संबोधित करते हुए जो भाषण दिया था उसमें उन्होंने अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग करने वाले ट्रंप पर सीधा हमला बोल दिया था। हुमायूं साल 2004 में इराक में हुए आत्मघाती हमले में मारे गए थे।

उनके पिता ने 70 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी ट्रंप को संबोधित करते हुए कहा था, ‘जाइए उन बहादुर देशभक्तों की कब्रों को देखिए जिन्होंने अमेरिका की रक्षा करते हुए अपनी जान दे दी। वहां आप विविध धर्मों, नस्लों और लिंगों के शहीदों को पाऐंगे। आपने कुछ भी त्याग और बलिदान नहीं किया है।’ इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, ‘मैंने बहुत त्याग और बहुत मेहनत की है। मैंने हजारों रोजगार पैदा किए हैं, हजारों-लाखों नौकरियां और बड़े-बड़े आधारभूत ढांचे खड़े किए हैं। ये भी निश्चित तौर पर त्याग ही है।’ ट्रंप ने कहा, ‘मुझे लगता है कि मतदाताओं के बीच मेरी लोकप्रियता आसमान छू रही है।’ एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने आरोप लगाया कि भाषण के दौरान खान की पत्नी गजाला हिजाब पहने उनके पीछे ही खड़ी थीं और उन्हें बोलने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा, ‘उनकी पत्नी, अगर आप उनकी पत्नी को देखेंगे तो पाऐंगे कि वे वहीं खड़ी थीं। वे कुछ नहीं कह रही थीं। या शायद उन्हें कुछ भी कहने की इजाजत ही नहीं दी गई हो। कई लोगों ने यही बात लिखी है। वे एकदम चुप थीं और ऐसा लग रहा था कि उनके पास कहने को कुछ भी नहीं है।’

ट्रंप की टिप्पणियों पर देशभर में कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। खासकर एक शोकाकुल मां पर हमला बोलने के लिए और इसलिए भी क्योंकि ट्रंप को नस्लवादी और मुस्लिम विरोधी माना जाता है। हिलेरी ने एक वक्तव्य में कहा है, ‘इस समय पूरे अमेरिका को खान दंपत्ति के साथ खड़े रहना चाहिए और उन सभी परिवारों का साथ देना चाहिए जिनके बच्चे देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए हैं। यह कैप्टन खान और अन्य शहीदों का सम्मान करने का वक्त है। कैप्टन खान और उनका परिवार अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और हम उन्हें सलाम करते हैं।’

गजाला खान ने कहा है कि कन्वेंशन के दौरान वे बहुत भावुक हो गई थीं इसलिए बोलने में सक्षम नहीं थीं। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने जो कहा है उसे सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। मैं तकलीफ में थी। जब आप तकलीफ में होते हैं तो या तो आप लड़ते हैं या फिर बिलकुल कुछ नहीं बोलते। मैं नहीं लड़ सकती। इसलिए मैंने मौन रहना चुना।’? देर रात जारी वक्तव्य में ट्रंप ने हुमायूं को ‘हीरो’ बताया।

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