Donald Trump on Germany: पश्चिम एशिया संकट के बीच न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे जर्मनी 5000 सैनिकों को वापस बुलाएंगे। इस बीच जर्मनी ने यूरोपीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का आह्वान किया है। अहम बात ये है कि यह कदम ईरान और व्यापार को लेकर बढ़ते ट्रांसअटलांटिक तनाव से जुड़ा है।
जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि अमेरिका की तरफ से ऐसे ही निर्णय की उम्मीद की जा रही थी। इस फैसले के बाद यूरोपियन यूनियन को एक चेतावनी के रूप में काम करना चाहिए। रॉयटर्स के अनुसार, पिस्टोरियस ने कहा, “हम यूरोपीय लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि सैन्य विस्तार और तेजी से खरीद के मामले में जर्मनी सही राह पर है।
पेंटागन ने किया बड़ा ऐलान
दूसरी ओर पेंटागन ने कहा कि जर्मनी में तैनात लगभग 36,000 अमेरिकी सैनिकों में से लगभग 14% की यह वापसी की प्रक्रिया सैन्य स्थिति की समीक्षा के बाद छह से बारह महीनों में पूरी होगी। पेंटागन प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने इस कदम को युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं और जमीनी परिस्थितियों को दर्शाने वाला बताया।
ट्रंप और मर्ज के बीच हुई थी बहस
बता दें कि पेंटागन की ये घोषणा डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के बीच ईरान युद्ध को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच आई है। मर्ज़ ने कहा था कि ईरान वाशिंगटन को अपमानित कर रहा है और उसकी रणनीति पर सवाल उठाए थे जबकि ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों की सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में पर्याप्त कदम न उठाने के लिए आलोचना की थी।
जर्मनी के चांसलर मर्ज ने क्या कहा?
ट्रंप के ऐलान के चलते बढ़े तनाव के बावजूद मर्ज़ ने कहा कि संबंध बरकरार हैं। रॉयटर्स के अनुसार, उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरे हिसाब से अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ मेरे व्यक्तिगत संबंध अच्छे बने हुए हैं।” साथ ही उन्होंने ईरान संघर्ष के आर्थिक दुष्परिणामों के बारे में चिंता व्यक्त की, जिसमें होर्मुज में व्यवधान भी शामिल है, जिससे यूरोप की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है।
ईयू के साथी देश चिंतित
नाटो अब वाशिंगटन के साथ मिलकर इस वापसी के विवरण को समझने का प्रयास कर रहा है, क्योंकि सहयोगी देश क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभावों को लेकर चिंतित हैं। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने चेतावनी दी कि ट्रांसअटलांटिक समुदाय के लिए सबसे बड़ा खतरा उसके बाहरी दुश्मन नहीं बल्कि हमारे गठबंधन का निरंतर विघटन है।
जर्मनी में है USA का महत्वपूर्ण सैन्य ढांचा
बता दें कि जर्मनी में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढांचे मौजूद हैं, जिनमें रामस्टीन हवाई अड्डा और लैंडस्टुहल अस्पताल शामिल हैं। ये यूरोप और उससे बाहर के अभियानों में सहायता प्रदान करते हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ये फोर्स मुख्य रूप से वैश्विक शक्ति प्रदर्शन सहित अमेरिका के व्यापक रणनीतिक हितों की पूर्ति करते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि अमेरिकी सेना की जर्मनी से वापसी में नियोजित लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली बटालियन को रद्द करना भी शामिल है, जिसे रूस के खिलाफ यूरोप की प्रतिरोधक क्षमता के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, नाटो सदस्य देशों ने रक्षा खर्च बढ़ाने का वादा किया है लेकिन अधिकारी मानते हैं कि वाशिंगटन द्वारा विदेशों में अपनी प्रतिबद्धताओं को लेकर जो रिव्यू किय़ा है, उसके चलते यूरोप के देशों को, अमेरिकी सुरक्षा जैसी गुणवत्ता हासिल करने में कई साल तक लग सकते हैं।
यूरोपियन यूनियन पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, कार-ट्रक पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का किया ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर यूरोपियन यूनियन के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया है और आरोप लगाया है कि ईयू समझौते का पालन नहीं कर रहा हैं। ट्रंप ने कहा कि अगले हफ्ते से अमेरिका ईयू की कार-निर्माता 25 फीसदी का टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि अमेरिका अब टैरिफ बढ़ाने वाला है। पढ़िए पूरी खबरें…
