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डोनाल्‍ड ट्रंप का साइड इफेक्‍ट: अमेरिकी यूनविर्सिटीज में अप्‍लाई करने वाले भारतीयों की संख्‍या तेजी से घटी

इस बार पंजीकरण करवाने वाले भारतीय छात्रों के अंडरग्रेजुएट आवेदनों में 26 प्रतिशत की और ग्रेजुएट आवेदनों में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है।

Author March 27, 2017 4:15 PM
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति। (फाइल फोटो) REUTERS/Jonathan Ernst

घृणा अपराधों की विभिन्न घटनाओं और ट्रंप प्रशासन की वीजा नीतियों में संभावित बदलावों को लेकर व्याप्त डर एवं चिंता के चलते अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों के आवेदनों की संख्या में तेज कमी देखी गई है। अमेरिका के 250 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में किए गए सर्वेक्षण के प्रारंभिक नतीजों के अनुसार, इस बार पंजीकरण करवाने वाले भारतीय छात्रों के अंडरग्रेजुएट आवेदनों में 26 प्रतिशत की और ग्रेजुएट आवेदनों में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह सर्वेक्षण अमेरिका के छह शीर्ष उच्च शिक्षा समूहों ने किया। ‘ओपन डोर्स 2016’ नामक इस रिपोर्ट का पूरा ब्यौरा इस सप्ताह के अंत में जारी किया जाना है।

इन उच्च शैक्षणिक संस्थानों ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों की ओर से आने वाले आवेदनों में औसतन 40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्र पंजीकरण में भारत और चीन के छात्रों की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत की है। अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय और चीनी छात्रों की संख्या लगभग पांच लाख है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, अंडरग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए चीनी छात्रों की ओर से आने वाले आवेदनों में 25 प्रतिशत और ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए आने वाले आवेदनों में 32 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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हाल ही में अमेरीका में सरकार बदलने के बाद आवेदनों करने वालों में गिरावट आई है। कुछ छात्रों और उनके परिजन का मानना है कि अमेरिकी दूतावासों के वीजा आवेदन को अस्वीकार करने के व्यवहार से चिंतित हैं। इतना ही नहीं अमेरिका में माहौल तेजी से बदल रहा है। जिसकी वजह से परिजनों के मन में एक चिंता का भाव रहता है। साथ ही अमेरिका में दूसरे देशों से जाने वालों को स्वीकार करने की प्रवृत्ति कम हो रही है।

हालांकि आवेदन में कमी आने का एक कारण भारत की नोटबंदी और रुपये की कमजोरी को भी माना जा रहा है। जिसके कारण भारतीयों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। इसका असर भारतीयों के खर्च पर पड़ा है। अमेरिका में किए गए सर्वे के मुताबिक आवेदन करने वालों भारतीय छात्रों में 26 प्रतिशत की और ग्रेजुएट आवेदनों में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। बता दें ये सर्वे अमेरिका के छह शीर्ष उच्च शिक्षा समूहों ने किया था।

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