अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर वाशिंगटन के एक होटल में हुए जानलेवा हमले ने एक बार फिर उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वह उस समय व्हाइट हाउस के संवाददाताओं के साथ आयोजित डिनर में भाग ले रहे थे, जहां उनके साथ कैबिनेट के कई वरिष्ठ सहयोगी और उपराष्ट्रपति भी मौजूद थे। हालांकि ट्रंप इस हमले में बाल बाल बच गए, लेकिन इस घटना ने राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा में संभावित चूक और बढ़ते खतरे की गंभीरता को उजागर कर दिया है।

अमेरिका की राजनीति में पिछले एक दशक में डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने न केवल उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि देश में बढ़ती राजनीतिक हिंसा की बहस को भी तेज किया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की कोशिश से जुड़ी खबरें यहां पढ़ें

सबसे पहली बड़ी घटना मार्च 2016 में सामने आई थी, जब राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान लास वेगास, नेवादा की एक रैली में एक व्यक्ति ने मंच के पास पहुंचकर ट्रंप की ओर बढ़ने और कथित रूप से हथियार छीनने की कोशिश की। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी का इरादा ट्रंप को नुकसान पहुंचाने का था। इस घटना ने उस समय राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी।

सबसे गंभीर घटना 13 जुलाई 2024 को हुई

इसके बाद कई वर्षों तक ट्रंप को लगातार धमकियां मिलती रहीं, लेकिन सबसे गंभीर घटना 13 जुलाई 2024 को हुई, जब वे बटलर, पेन्सिलवेनिया में एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान एक हमलावर ने भीड़ से मंच की दिशा में गोलियां चला दीं। इस हमले में ट्रंप के कान के पास गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना में एक दर्शक की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। सुरक्षा बलों ने तत्काल जवाबी कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया। इस घटना को अमेरिकी इतिहास में किसी प्रमुख राजनीतिक नेता पर सबसे गंभीर हत्या प्रयासों में से एक माना गया।

इसी तरह की एक और घटना 15 सितंबर 2024 को सामने आई, जब ट्रंप अपने इंटरनेशनल गोल्फ क्लब, वेस्ट पाम बीच, फ्लोरिडा के पास मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हथियार के साथ इलाके में छिपा हुआ पाया। जांच में यह आशंका जताई गई कि वह ट्रंप पर हमला करने की योजना बना रहा था। उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उस पर हत्या की साजिश से जुड़े आरोप लगाए गए।

इन घटनाओं ने अमेरिकी राजनीति में सुरक्षा चुनौतियों को नए सिरे से उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण और सोशल मीडिया पर फैलती उग्र भाषा ने इस तरह के हमलों की आशंका को और बढ़ा दिया है। वहीं, सीक्रेट सर्विस पर भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे हैं।

कुल मिलाकर, 2016 से 2024 के बीच हुई इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका में राजनीतिक नेतृत्व की सुरक्षा अब पहले से कहीं अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

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व्हाइट हाउस संवाददाताओं के डिनर समारोह के दौरान गोलियां चलने की खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। बताया जा रहा है कि वॉशिंगटन हिल्टन होटल में एक हाई प्रोफाइल कार्यक्रम का आयोजन हुआ था, उसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पहुचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस समय राष्ट्रपति ट्रंप डिनर टेबल पर बैठे थे, वहां गोलियां चलनी शुरू हो गईं। फायरिंग के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी हरकत में आए और ट्रंप को वहां से बाहर निकाला गया। घटना का एक वीडियो भी वायरल है जहां कई लोग डिनर टेबल के नीचे ही छिपे दिखाई दे रहे हैं। कई लोग गोलीबारी के बाद डर के माहौल में इधर-उधर भागते हुए भी दिखाई दिए। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ट्रंप के अलावा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट उन लोगों में शामिल थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक