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बेटी के यौन शोषण के आरोप में मिली 50 साल की सजा, एक कुत्ते की वजह से सजा से बच गया शख्स

हॉर्नर ने स्टीव वैक्स को लूसी के बारे में बतलाया कि लूसी के कान लंबे थे और वो काले रंग की थी। हालांकि उस वक्त वैक्स को भी नहीं मालूम था कि लूसी जिंदा है या फिर मर गई?

प्रतीकात्मक तस्वीर

अपनी ही बेटी के यौन शोषण के आरोप में एक शख्स को 50 साल की जेल की सजा हुई। खुद को दोषी करार दिये जाने से पहले यह शख्स बार-बार कहता रहा कि वो बेगुनाह है लेकिन अपनी बेगुनाही का सबूत ना दे पाने की वजह से उसे जेल जाना पड़ा। लेकिन इस शख्स की बेगुनाही एक कुत्ते ने साबित कर दी। यह मामला वॉशिंगटन का है। वॉशिंगटन के रेडमॉन्ड शहर में रहने वाले जोशुआ हॉर्नर पर उनकी बेटी ने यौन उत्पड़ीन का केस दर्ज कराया था। इस मामले में हॉर्नर ने 17 महीने जेल में भी गुजारे हालांकि अब हॉर्नर आजाद हैं। लेकिन इन गंभीर आरोपों से बेदाग निकल जाने की हॉर्नर की कहानी बेहद दिलचस्प है। साल 2017 में जब इस केस का मुकदमा चल रहा था तब आरोप लगाने वाली हॉर्नर की बेटी ने अदालत में कहा था कि साल 2006 से 2013 के बीच उसके पिता जोशुआ हॉर्नर ने कई बार उसे गलत तरीके से छूआ। पहली बार उसके साथ 5 साल की उम्र में यौन शोषण हुआ। इस उम्र में उसके माता-पिता का तलाक हो गया था। तब से लेकर कई साल तक हॉर्नर ने उसका शारीरीक शोषण किया और कई बार तो उसे पॉर्न फिल्में देखने के लिए भी मजबूर किया गया।

लड़की ने अदालत को उस वक्त बतलाया था कि साल 2014 में हॉर्नर ने धमकी दी थी कि अगर उसने इस बारे में किसी को कुछ बतलाया तो वो उसके परिवार और उसके पालतू कुत्ते के साथ बहुत बुरा करेगा। उस वक्त जब कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने लड़की से पूछा कि हॉर्नर ने पालतू कुत्ते के साथ क्या करने की धमकी दी? तो लड़की ने बतलाया कि हॉर्नर ने इन सभी को जान से मार देने की बात कही। लड़की ने बतलाया कि उसने मेरे सामने मेरे कुत्ते लुसी को गोली मार दी। दरअसल उसने मुझे फिर से छूने की कोशिश की थी और मैंने विरोध किया जिसका परिणाम लुसी को भुगतना पड़ा। इस मामले में हॉर्नर की बेटी की कही बातें ही एक मात्र ऐसे सबूत थे जिसके आधार पर हॉर्नर को सजा मिल सकती थी। अदालत में मौजूद हॉर्नर उस वक्त बिल्कुल खामोश खड़ा था। हालांकि थोड़ी देर बाद हॉर्नर ने उस वक्त इतना जरूर कहा था कि लुसी की मौत नहीं हुई है वो खुद चली गई। लेकिन उस वक्त कानून को हॉर्नर की बातों पर यकीन नहीं हुआ और हॉर्नर पर यौन अपराध के जितने भी गंभीर आरोप लगे थे उन सभी मामलों में उसे दोषी मानते हुए 50 साल की जेल की सजा सुनाई गई।

जेल में रहते हुए छह महीने के बाद हॉर्नर ने Oregon Innocence Project के लीगल डायरेक्टर स्टीव वैक्स से संपर्क किया। यहां आपको बता दें कि Oregon Innocence Project एक ऐसा संगठन है जो निर्दोष लोगों को सजा मिलने से बचाने के लिए प्रयास करता है। स्टीव वैक्स को हॉर्नर के केस में कुछ ऐसा नजर आया जिसमें अभी उम्मीद की किरण बाकी थी। हॉर्नर ने स्टीव वैक्स को लूसी के बारे में बतलाया कि लूसी के कान लंबे थे और वो काले रंग की थी। हालांकि उस वक्त वैक्स को भी नहीं मालूम था कि लूसी जिंदा है या फिर मर गई? हॉर्नर ने वैक्स को बतलाया था कि लुसी अक्सर उसके पड़ोसी के यहां जाकर उनके मुर्गों को मार कर खा जाती थी। इस बात से परेशान होकर उन्होंने उसे एक फ्रेड नाम के शख्स को दे दिया था। उस वक्त लुसी 2 साल की थी। लेकिन मुश्किल यह थी कि हॉर्नर को लुसी के नए मालिक का पूरा नाम और पता मालूम नहीं था।

इसके बाद वैक्स की टीम ने लूसी को खोजने का अभियान चला दिया। जांच के दौरान यह पता चला कि फ्रेड का पूरा नाम फ्रेड कोलेमन है। बाद में टीम ने आखिरकार फ्रेड कोलेमन के लोकेशन के बारे में भी पता लगा लिया कि वो अभी पेसिफिक कोस्ट के पास रहते हैं। जब टीम फ्रेड के पास पहुंची तो यह देखकर हैरान रह गई कि लंबे कानों वाली लुसी अभी भी जिंदा थी और अपने नए मालिक के पास काफी खुश भी थी। वॉशिंगटन पोस्ट से बातचीत करते हुए वैक्स ने कहा कि इस तरह के मामले में जहां आपके पास कोई गवाह या फॉरेंसिक सबूत ना हो वहां कोई ऐसी चीज पाने की कोशिश करनी चाहिए जिसे जज देखना चाहें। आखिरकार लुसी को खोज निकाला गया और यह बात साबित हो गई कि ना तो हॉर्नर ने लुसी को गोली मारी थी और ना ही उसकी बेटी ने लुसी को मरते हुए देखा था। इस मामले में हॉर्नर की बेगुनाही साबित हुई। बीते सोमवार को हॉर्नर के खिलाफ केस खत्म कर दिया गया। Deschutes County District Attorney जॉन हमेल ने निजी तौर से हॉर्नर से माफी मांगी।

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