Strait Of Hormuz News: अमेरिका के साथ दो हफ्ते से सीजफायर के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आंशिक तौर पर बंद रखा है। इसी बीच, ईरान ने कहा कि होर्मुज जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर भारत के साथ उसके अच्छे संबंध हैं और वह नई दिल्ली को नौवहन में मदद करना चाहता है। उसने होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले भारतीय टैंकरों से टोल वसूलने से भी इनकार किया।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि दोनों देश चुनौतीपूर्ण समय के बीच मजबूत संबंध बनाए रखते हैं। ईरान के राजदूत ने कहा, “इस कठिन समय में हमारे संबंध अच्छे हैं। हमारा मानना है कि ईरान और भारत के हित और भविष्य एक समान हैं।”
अब तक कोई टोल नहीं लगाया- फथाली
फथाली ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भुगतान करने वाले जहाजों को रोकने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद ईरान ने होर्मुज जलमार्ग से गुजरने वाले भारतीय जहाजों से कभी कोई शुल्क नहीं लिया। फथाली ने कहा, “आप भारत सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई शुल्क लगाया है।”
भारत ने कई मौकों पर इस बात से इनकार किया है कि उसने अपने नौ जहाजों के जलमार्ग से गुजरने के लिए कभी टोल चुकाया है। ईरान द्वारा टैंकरों के आवागमन पर रोक लगाने के बाद से उसने नौ एलपीजी टैंकरों को सुरक्षित कर लिया है, जबकि भारत के झंडे वाले 15 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
भारत की मदद करना चाहता है ईरान
जलमार्ग से भारतीय टैंकरों के आगे के आवागमन के बारे में विस्तार से बताते हुए राजदूत ने कहा कि ईरान टैंकरों के आवागमन में भारत की मदद करना चाहता है। राजदूत ने आगे कहा कि ईरान अपना तेल किसी भी देश को बेचने के लिए तैयार है, जो इसे खरीदना चाहता है। उन्होंने कहा, “ईरान के पास तेल है और वह इसे किसी भी देश को बेचने के लिए तैयार है जो इसे चाहता है।”
गौरतलब है कि भारत की लगभग आधी कच्ची तेल और एलपीजी की आपूर्ति होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरती है। इसके अलावा, रॉयटर्स द्वारा जारी जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिका द्वारा तेहरान से तेल खरीद पर अस्थायी छूट दिए जाने के बाद भारत को 7 सालों में पहली बार ईरान से तेल मिला है।
क्या होर्मुज ब्लॉकेज से परेशान होगा चीन?
होर्मुज बंद होने से बड़ा नुकसान केवल ईरान को नहीं बल्कि चीन को भी हो सकता है। इसकी वजह यह है कि दुनिया में चीन ऐसा देश है, जो कि ईरान का 80 प्रतिशत तेल खरीदता है। इसके अलावा चीन अपनी तेल आपूर्ति का 45 से 50 फीसदी हिस्सा होर्मुज के जरिए ही लाता है। इतना ही नहीं, चीन में इस्तेमाल होने वाली गैस का करीब 30 फीसदी हिस्सा भी होर्मुज से ही होकर गुजरता है। पढ़ें पूरी खबर…
