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दूतावास में राजनयिकों ने पत्रकार को मारा, एसिड में गलाया और नाली में बहा दिया: रिपोर्ट

खाशोज्जी की हत्या सऊदी अरब के एजेंट्स ने की है। तुर्की के एक अखबार ने खाशोज्जी के कुछ ओडियो क्लिप्स भी छापे हैं। इसमें पूछताछ और यातना देने के दौरान खाशोज्जी की चीखों की आवाज आने का दावा किया गया है।

तुर्की मीडिया का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध सऊदी एजेंटों की एक 15 लोगों की टीम की पहचान की है जो खाशोज्जी के गायब होने के दिन इस्तांबुल से बाहर निकल गई थी।

सऊदी अरब के पत्रकार जमाल खाशोज्जी की मौत का अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। उनकी मौत एक रहस्य बन गई है। इस बीच एक रिपोर्ट में पता चला है कि पत्रकार को दूतावास में राजनयिकों ने पहले मारा, उसके बाद शरीर को एसिड में गलाकर नाली में बहा दिया। तुर्की के एक वरिष्ठ अधिकारी यासिन आकताय का कहना है कि उन्हें लगता है कि जमाल खाशोज्जी के शव को काटकर तेजाब में डाल दिया गया था। आकताय का कहना है कि यह तर्क के आधार पर एकमात्र निष्कर्ष है। उन्होंने कहा कि खाशोज्जी के शव को पूरी तरह नष्ट करने के लिए ऐसा किया होगा ताकि कोई सुराग न मिले। हालांकि अभी तक इस बात के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि खाशोज्जी के शव को तेजाब में डाला गया था या नहीं। तुर्की अधिकारी आकताय ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उनके शव के टुकड़ों को इसलिए तेजाब में डाला होगा ताकि उनके अवशेषों को आसानी से मिटाया जा सके।

वहीं सबूतों की बात करें तो तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जिससे पता चलता है कि खाशोज्जी की हत्या सऊदी अरब के एजेंट्स ने की है। तुर्की के एक अखबार ने खाशोज्जी के कुछ ओडियो क्लिप्स भी छापे हैं। इसमें पूछताछ और यातना देने के दौरान खाशोज्जी की चीखों की आवाज आने का दावा किया गया है। वहीं तुर्की मीडिया का कहना है कि उन्होंने संदिग्ध सऊदी एजेंटों की एक 15 लोगों की टीम की पहचान की है जो खाशोज्जी के गायब होने के दिन इस्तांबुल से बाहर निकल गई थी। तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि ये ग्रुप अपने साथ एक बोन कटर लेकर इस देश में आया था और ग्रुप का एक सदस्य पोस्टमॉर्टम के बाद के कामों का विशेषज्ञ डॉक्टर था।

इस हत्या के लिए खुलेआम जिम्मेदार ठहराए जा रहे सऊदी अरब से तुर्की ने किनारा कर लिया है। हालांकि, सत्ताधारी एके पार्टी के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा था कि इस हत्या को किसी वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति की इजाजत के बिना अंजाम नहीं दिया गया होगा। सऊदी अरब इसमें शाही परिवार की भूमिका होने से इनकार कर रहा है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने पिछले हफ्ते सऊदी शाह सलमान से बात की थी और दोनों ने जांच में सहयोग करने पर सहमति जताई थी।

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