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बांग्लादेश: पांचवें चरण के निकाय चुनावों के दौरान हिंसा में 12 की मौत

डेली स्टार की खबर के अनुसार इन चुनावों के दौरान जमालपुर, चटगांव, नोवाखाली, कोमिल्ला, पंचगढ़ और नारायणगंज में 12 लोगों के मारे जाने की रपटें आई हैं।

Author ढाका | May 29, 2016 11:40 PM
सात राज्‍यों की चार लोकसभा और आठ विधानसभा सीटों पर 19 नवंबर को वोट डाले गए थे।

बांग्लादेश में स्थानीय निकाय चुनावों के पांचवें चरण के मतदान में हुई हिंसा में दो उम्मीदवारों और दो बच्चों समेत 12 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शनिवार को संपन्न हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में यह अब तक की सबसे भयावह हिंसा है। यूनियन परिषदों के लिए संसोधित प्रणाली के तहत पहली बार पार्टी लाइन पर 45 जिलों के तहत 717 यूनियनों के लिए मतदान कराए गए जिसमें बेईमानी और अन्य कदाचार के आरोप लगे।

डेली स्टार की खबर के अनुसार इन चुनावों के दौरान जमालपुर, चटगांव, नोवाखाली, कोमिल्ला, पंचगढ़ और नारायणगंज में 12 लोगों के मारे जाने की रपटें आई हैं। ये चुनाव स्थानीय सरकारी तंत्र के लिए चेयरमैन व पार्षदों के निर्वाचन के लिए कराए गए। इन मौतों के साथ इन चुनावों की घोषणा के बाद से पिछले साढ़े तीन महीने में चुनाव से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की कुल संख्या 110 से ऊपर पहुंच गई है। चुनाव के पिछले चरणों में 101 लोग मारे गए थे और चुनाव के दिन सबसे अधिक 10 लोग मारे गए। हिंसा में मारे गए दो उम्मीदवारों में एक बीएनपी के बागी और कोमिल्ला के तीतास से चेयरतैन के उम्मीदवार कमलउद्दीन और दूसरे चटगांव के कर्णाफूली में सदस्य पद के लिए खड़े मोहम्मद यासिन थे।

इस मामले में सबसे भयावह हिंसा का शिकार जमालपुर बना, जहां दो बच्चों समेत चार लोग मारे गए। इनकी मौत उस समय हुई, जब दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प को बंद करवाने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। बाकी घटनाएं दक्षिणपूर्व नोवाखली जिले से दर्ज की गईं। इन घटनाओं में 200 से अधिक लोग घायल भी हुए जिसमें से ज्यादातर लोग गोली लगने से घायल हुए। जिला पुलिस प्रमुख मोहम्मद निजामुद्दीन ने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गोलियां चलाईं।

पिछले चार चरणों की तरह ही इस चरण में उम्मीदवारों के समर्थकों ने मतदान केंद्रों में घुसपैठ कर मतदान पेटियां लूटने की खबर है। चुनाव आयोग के मुताबिक कानून व्यवस्था काबू से बाहर होने के कारण 120 केंद्रों पर मतदान निरस्त कर दिया गया। चुनाव आयुक्त मोहम्मद अबु हाफिज ने हिंसा के बढ़ते रुख को स्वीकार करते हुए कहा कि इस बार यह अधिक है क्योंकि चुनाव पार्टी लाइन पर कराए जा रहे हैं। इससे पहले स्थानीय निकाय के चुनाव गैर पार्टी चुनाव के तौर पर कराए जाते थे जहां उम्मीदवार निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर खड़े होते थे। लेकिन अक्तूबर में बांग्लादेश सरकार ने गैर-पार्टी लाइन आधार पर स्थानीय निकायों के चुनाव की सौ साल पुरानी व्यवस्था में बदलाव कर राजनीतिक दलों को आम चुनावों की तरह इन चुनावों में सीधे हिस्सा लेने की अनुमति दे दी।

जमालपुर के उप आयुक्त मोहम्मद शाहाबुद्दीन खान ने कहा कि इस घटना की जांच के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद आलमगीर की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गई है। अधिकतर लोग लगभग 60 यूनियनों में सत्ताधारी आवामी लीग के उम्मीदवारों और बागियों के समर्थकों के बीच हुई झड़पों के कारण हताहत हुए।

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