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वेश्यालय चलाने वाले शख्स ने जीता चुनाव, तीन हफ्ते पहले हो चुकी है मौत

72 साल के होफ का शव 16 अक्टूबर को लव रेंच स्थित उनके वेश्यालय के बाहर मिला था। हालांकि अभी तक उनकी मौत की वजह का खुलासा नहीं हो सका है।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (एक्सपेस फाइल फोटो)

अमेरिका में हुए महत्वपूर्ण मध्यावधि चुनावों में बुधवार (7 अक्टूबर, 2018) को विपक्षी डेमोक्रेट ने कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में अपना नियंत्रण कर लिया, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने उच्च सदन सीनेट में अपना बहुमत बरकरार रखा है। हालांकि एक खास वजह से ट्रंप की पार्टी चर्चा में बनी हुई है। दरअसल नेवादा रिपब्लिकन पार्टी का एक ऐसा उम्मीदवार भी चुनाव जीता है, जिसकी करीब तीन सप्ताह पहने मौत हो चुकी है। खबर के मुताबिक वेश्यालय चलाने वाले डेनिस होप ने स्टेट असेंबली का चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया है। मगर नेवादा स्टेट विधान मंडल में डेमोक्रेट ने अपना कब्जा बनाए रखा है।

रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में चुनावी परिणाम ने आने पर एरिक हैरजिक कहते हैं कि ये रात रिपब्लिकन पार्टी के लिए अच्छी नहीं रही। उन्होंने कहा कि अगर में रिपब्लिकन हूं तो मुझे इन रिज्ल्ट्स पर चिंता है। हैरजिक नेवादा यूनिवर्सिटी में राजनीतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर भी हैं। इसके अलावा वेश्यालय मालिक के चुनाव जीतने पर हैरजिक ने बताया कि वो होफ चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जिज्ञासा का केंद्र बन गए थे। यहां तक की अगर वो जिंदा होते तो उन्हें खुद इस परिणाम के लिए पसीना नहीं बहाना पड़ा। मंगलवार को आए असेंबली रिजल्ट में होफ को विजयी घोषित किया गया था। खास बात यह है कि परिणाम से 21 दिन पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। 72 साल के होफ का शव 16 अक्टूबर को लव रेंच स्थित उनके वेश्यालय के बाहर मिला था। हालांकि अभी तक उनकी मौत की वजह का खुलासा नहीं हो सका है।

बता दें कि अमेरिकी चुनावी नतीजों पर माना जा रहा है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच राजनीतिक कड़वाहट बढ़ेगी और इनके बीच कांटे का मुकाबला होगा। डेमोक्रेट्स ने सत्ता में रिपब्लिकन पार्टी का एकाधिकार तोड़ दिया और उसे निचले सदन में 24 से अधिक सीटों का फायदा हुआ है। उसने पिछले आठ वर्षों में पहली बार 435 सदस्यीय सदन में बहुमत हासिल किया। डेमोक्रेटिक पार्टी से मिले प्रारंभिक बयानों के अनुसार पार्टी के नेताओं ने संकेत दिए है कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए और कठिन स्थिति बन जाएगी जो आव्रजन, कर और स्वास्थ्य देखभाल सुधारों समेत उनके कुछ अहम मुद्दों पर व्यापक विधायी परिवर्तन चाहते हैं। (एजेंसी इनपुट सहित)

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