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अगले महीने चीन का दौरा कर सकती हैं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, हफ्ते भर पहले मंत्रालय ने किया था इनकार

चीन ने पिछले वर्ष जून में भूटान के दावे वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सेना ने विरोध किया था। इस घटना के बाद सिक्कम क्षेत्र के डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 73 दिन तक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गईं थीं।

Author नई दिल्ली | March 12, 2018 9:04 PM
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण। (File Photo)

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को पुष्टि करते हुए कहा कि वह जल्द ही चीन का दौरा करेंगी। सीतारमण ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह से इतर इस संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, “हां, यह संभवत: अप्रैल के अंत में होगा।” उन्होंने कहा कि हालांकि इस संबंध में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है। रक्षा मंत्रालय ने पिछले हफ्ते इससे इंकार किया था कि रक्षा मंत्री चीन की यात्रा पर जा रही हैं। चीन ने पिछले वर्ष जून में भूटान के दावे वाले क्षेत्र में सड़क निर्माण की कोशिश की थी, जिसका भारतीय सेना ने विरोध किया था। इस घटना के बाद सिक्कम क्षेत्र के डोकलाम में दोनों देशों की सेनाएं 73 दिन तक एक-दूसरे के आमने-सामने आ गईं थीं।

दोनों देश की सेनाओं के बीच यह गतिरोध 16 जून को शुरू हुआ था और 28 जून को समाप्त हुआ था। घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी और दिसंबर में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात के दौरान जोर देकर कहा था कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध के लिए भारत-चीन सीमा पर शांति बनाए रखना जरूरी है।

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दूसरी तरफ, चीन ने सोमवार को भारत के इस बयान को सकारात्मक बताते हुए इसका स्वागत किया कि भारत बीजिंग से रिश्ते बढ़ाने और परस्पर सम्मान के आधार पर आपसी मतभेदों को सुलझाने के लिए तैयार है। पिछले सप्ताह भारत-चीन संबंधों पर एक सकारात्मक रुख जताते हुए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा था कि दोनों देशों को मतभेद दूर कर परस्पर विश्वास बढ़ाना चाहिए। वांग ने कहा कि चीनी ड्रैगन और भारतीय हाथी को साथ में नृत्य करना चाहिए, युद्ध नहीं।

भारत ने भी ऐसी ही प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह परस्पर सम्मान और एक दूसरे के हितों, चिंताओं और आकांक्षाओं की संवेदनशीलता के आधार पर मतभेदों से निपटते हुए आपसी संबंध विकसित करने का इच्छुक है। वांग के बयान पर भारतीय प्रतिक्रिया पर बीजिंग की राय पूछने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, “हमने भारत की तरफ से दिए गए सकारात्मक बयान देखे हैं। आपने विदेश मंत्री यी के पिछले सप्ताह के बयान पर गौर किया होगा जिसमें उन्होंने भारत-चीन संबंधों को लेकर बात की थी। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को लेकर चीन की बुनियादी स्थिति के बारे में बताया था।”

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