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‘भारत के साथ संबंधों की क़ीमत पर पाक से दोस्ती नहीं’

पाकिस्तान के साथ एक सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ हफ्तों बाद रूस ने कहा कि वह कभी ऐसा कुछ नहीं करेगा जो भारत के सुरक्षा हितों के लिए ‘नुकसानदेह’ हो। उसने यह भी कहा कि इस समझौते से पाकिस्तान को तत्काल किसी रक्षा उपकरण की आपूर्ति नहीं होने वाली है। भारत को […]

Author December 9, 2014 1:05 PM
रूसी राजदूत अलेकजेंडर कदाकिन ने कहा कि पाक के साथ रिश्ता नयी दिल्ली के साथ संबंधों की कीमत पर नहीं होगा।

पाकिस्तान के साथ एक सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करने के कुछ हफ्तों बाद रूस ने कहा कि वह कभी ऐसा कुछ नहीं करेगा जो भारत के सुरक्षा हितों के लिए ‘नुकसानदेह’ हो। उसने यह भी कहा कि इस समझौते से पाकिस्तान को तत्काल किसी रक्षा उपकरण की आपूर्ति नहीं होने वाली है।

भारत को समय के साथ परखा हुआ साझीदार करार देते हुए रूसी राजदूत अलेकजेंडर कदाकिन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रूस के संबंधों का ‘अलग महत्व’ है लेकिन ये रिश्ता नयी दिल्ली के साथ संबंधों की कीमत पर नहीं होगा। कदाकिन ने रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। पुतिन का भारत दौरा 10 दिसंबर से आरंभ हो रहा है।

रूस के राजदूत ने कहा, ‘‘रूस कभी भी ऐसा कुछ नहीं करेगा जिससे भारत की सुरक्षा को नुकसान पहुंचे। भारत मेरे देश का सबसे नजदीकी दोस्त है।’’
अफगानिस्तान में रूस के हितों का उल्लेख करते हुए कदाकिन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों में सुधार से उसे ‘वांछनीय कार्रवाई’ करने के लिए प्रभावित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘आपने (भारत) घोषित किया कि आप पाकिस्तान के रिश्ते में सुधार के लिए अधिक संवाद, अधिक संपर्क रखने के लिए तैयार हैं। हम रणनीतिक साझीदार हैं, ऐसे में पाकिस्तान के साथ उस तरह से रिश्ते में सुधार क्यों नहीं कर सकते जैसे भारत करता है। आखिरकार इससे हमें उसे वांछनीय कार्रवाई करने के लिए प्रभावित करने में आसानी होगी।’’

पाकिस्तान और रूस ने अपने रक्षा संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के लिए बीते 20 नवंबर को एक सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किया था तथा अपने संबंधों को सही मायनों में तब्दील करने का संकल्प लिया था। रूसी रक्षा मंत्री सेर्गेई शोइगू ने पिछले महीने पाकिस्तान का दौरा किया था। 45 वर्षों के बाद रूस के किसी रक्षा मंत्री कर यह पाकिस्तान का दौरा था। भारत ने इसको लेकर सावधानी से प्रतिक्रिया जताते हुए कहा था कि उसने इस घटनाक्रम पर संज्ञान लिया है।

कदाकिन ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के साथ जिस समझौते पर हस्ताक्षर हुआ है वह तत्काल किसी आपूर्ति की बात नहीं करता है। यह सिर्फ एक ढांचागत समझौता है जो कई देशों के साथ हो चुका है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आपको यह विश्वास करना चाहिए कि भारत रूस का रणनीतिक साझीदार और सबसे नजदीकी दोस्त है।’’
रूसी राजदूत ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के साथ रूस के संबंधों का अलग महत्व है। उनका स्वतंत्र महत्व है। अफगानिस्तान में भी हमारे हित हैं।’’

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