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नवाज शरीफ सरकार पर की रिपोर्ट पाकिस्तानी सरकार ने पत्रकार पर लगा दी देश से बाहर जाने पर रोक

भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पाक सरकार और सेना के बीच मुलाकात की खबर रिपोर्ट करने वाले पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के पत्रकार साइरिल अल्‍मीडा के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।
भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पाक सरकार और सेना के बीच मुलाकात की खबर रिपोर्ट करने वाले पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के पत्रकार साइरिल अल्‍मीडा के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। (Photo Source:Twitter)

भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद पाक सरकार और सेना के बीच मुलाकात की खबर रिपोर्ट करने वाले पाकिस्‍तानी अखबार डॉन के पत्रकार साइरिल अल्‍मीडा के देश छोड़ने पर रोक लगा दी गई है।  यह कार्रवाई नवाज शरीफ सरकार के पाकिस्‍तानी सेना से आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहने की खबर के बाद की गई है। साइरिल को एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट में डाल दिया गया है। उन्‍होंने ट्वीट के जरिए बताया, ”मैं कहा गया है और सूचना दी गई है कि मैं एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट में हूं।” एग्जिट कंट्रोल लिस्‍ट के जरिए पाकिस्‍तान सरकार सीमा से बाहर जाने पर नियंत्रण रखती है। एक अन्‍य ट्वीट में अल्‍मीडा ने लिखा, ”लंबे समय से ट्रिप पर जाने की सोच रहा था। कुछ चीजें हैं जिन्‍हें मैं कभी माफ नहीं करूंगा। आज रात मैं दुखी हूं। यह मेरी जिंदगी है, मेरा देश है। क्‍या गलत हुआ।”

 

वीडियो: डॉन के पत्रकार सिरिल अल्मीडा के पाकिस्तान से बाहर जाने पर प्रतिबंध

सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सेना के बारे में ‘मनगढ़ंत’ कहानी प्रकाशित करने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया। गौरतलब है कि ‘डॉन अखबार’ ने छह अक्टूबर को पहले पन्ने पर छपी एक खबर में सूत्रों के हवाले से कहा था कि सरकार ने सैन्य नेतृत्व को आतंकवाद के कथित समर्थन के चलते पाकिस्तान के अलग थलग पड़ते जाने के बारे में सूचना दी है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल राहिल शरीफ ने सोमवार को प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से उनके आवास पर मुलाकात की जिस दौरान वित्त मंत्री इशाक दार, गृह मंत्री निसार अली खान, पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ और डीजी आईएसआई लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर भी उपस्थित थे।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक बैठक के दौरान राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विषय तथा पिछले हफ्ते डॉन अखबार में छपी खबर पर चर्चा हुई। बैठक में भाग लेने वालों ने महसूस किया कि यह जरूरी है कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अटकलबाजी वाली रिपोर्टिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के हितों को ताक पर रखने से परहेज करें। बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने इस पर गंभीर संज्ञान लिया और इसके जिम्मेदार लोगों को निर्देश दिया है कि सख्त कार्रवाई के लिए उनकी पहचान की जाए। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री की ओर से इस बारे में तीसरी बार बयान जारी किया गया है। इस तरह का पहला बयान छह अक्‍टूबर को जारी हुआ था। इसके बाद 10 अक्‍टूबर को भी बयान हुआ। इसके कुछ घंटों बाद एक और बयान जारी किया गया।

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