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डलास गोलीबारी: घटना के बाद भविष्य को लेकर चिंतित हैं अश्वेत बंदूक लाइसेंसधारी

पुलिस ने बताया कि गुरुवार (7 जुलाई) को डलास में एक प्रदर्शन के दौरान स्निपर्स ने पुलिस अधिकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें पांच अधिकारियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए।

Author वॉशिंगटन | July 9, 2016 12:26 pm
टेक्सास के प्रमुख व्यावसायिक इलाके डलास में प्रदर्शन के दौरान मौजूद पुलिस अधिकारी। (Photo Source: AP )

डलास में गुरुवार (7 जुलाई) की शाम को गोलीबारी की घटना के बाद यहां के अश्वते बंदूक लाइसेसधारी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अब उनके साथ कैसा सुलूक किया जाने वाला है। वैसे भी यह धारणा है कि पुलिस बंदूक रखने वाले अश्वेत व्यक्ति को श्वेत व्यक्ति के मामले अधिक खतरनाक मानती है। अश्वेत अधिकारों के पैरोकारों का कहना है कि अश्वेत बंदूक लाइसेंसधारियों के साथ अकसर श्वेत बंदूक लाइसेंसधारियों से अलग व्यवहार किया जाता है।

ब्लैकमैनविदगनडॉटकाम वेबसाइट चलाने वाले पूर्व हथियार प्रशिक्षक रेव. केन ब्लांकर्ड का कहना है कि दास बगावत के दिनों से सशस्त्र अश्वेतों के प्रति धारणा में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, ‘अगर आपके पास आग्नेयास्त्र है अथवा आपने किसी गलत आदमी को धमकाया तो आपको गोली मार दी जाएगी, आपकी हत्या कर दी जाएगी। डरावने अश्वेत व्यक्ति की धारणा अब भी मौजूद है। अभी भी लोगों का यह सोचना है कि गुलाम धूर्त होते हैं। उन्हें अपराधी गुटों का सदस्य माना जाता है।’

पुलिस ने बताया कि गुरुवार (7 जुलाई) को डलास में एक प्रदर्शन के दौरान स्निपर्स ने पुलिस अधिकारियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें पांच अधिकारियों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हुए। बंदूक का लाइसेंस रखने वाले अश्वेतों में भय का यह आलम है कि मिनेसोटा में यातायात की बत्ती पर रुके एक व्यक्ति ने पुलिस अधिकारी को देखते ही झट से बताया कि उसके पास लाइसेंसी बंदूक है और वह अपना बटुआ लेने जा रहा था। एक प्रत्यक्षदर्शी ने यह जानकारी दी।

लुसियाना में एक व्यक्ति जमीन पर पड़ा हुआ था और दो पुलिस अधिकारी उसके ऊपर थे तभी कोई व्यक्ति चिल्लाया ‘उसके पास बंदूक है।’ लुसियाना के बेटन रॉग और उपनगरीय सेंट पॉल मिनेसोटा में पुलिस द्वारा इस हफ्ते की गई जानलेवा गोलीबारी का विरोध करने के लिए सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए थे कि तभी गोलीबारी शुरू हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों में से एक बंदूकधारी अश्वेत व्यक्ति को गलती से गोलीबारी करने वाला व्यक्ति समझ लिया था।

डलास पुलिस विभाग ने बीते बृहस्पतिवार (7 जुलाई) को अपने ट्विटर अकाउंट पर एक व्यक्ति का फोटो डाला था। उस व्यक्ति ने फौजियों जैसी शर्ट पहन रखी थी और उसके हाथ में एक राइफल भी थी। इस फोटो के साथ यह संदेश डाला गया था:‘यह संदिग्ध व्यक्तियों में से एक है। उसे तलाशने में हमारी मदद करें।’ शुक्रवार (8 जुलाई) सुबह तक यह ट्वीट अकाउंट पर मौजूद था।

फोटो में दिख रहे शख्स मार्क ह्यूज ने डलास टीवी स्टेशन केटीवीटी को बताया कि जैसे ही उसे पता चला कि उसे संदिग्ध माना जा रहा है, उसने तुरंत ‘एक पुलिस अधिकारी को रोका।’उसने बताया कि 30 मिनट की पूछताछ के दौरान पुलिस ने यह झूठ बोला कि उनके पास उसका एक वीडियो है जिसमें वह गोलीबारी करता हुआ दिख रहा है। ऑनलाइन पोस्ट किए गए वीडियो में गोलीबारी के वक्त ह्यूज शांतिपूर्वक टहलता दिख रहा है और फिर उसने एक पुलिस अधिकारी पर बंदूक तान दी। मिनेसोटा में बुधवार (6 जुलाई) को एक पुलिस अधिकारी ने फिलांडो केसल नाम के व्यक्ति की गोली मारकर जान ले ली थी। तब वह कार में अपनी पत्नी और बच्चे के साथ था। इस घटना के विरोध में देश के विभिन्न शहरों में प्रदर्शन हुए।

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