ताज़ा खबर
 

अमेरिका की नाक में दम करनेवाले देश को 40 साल बाद पहली बार मिला प्रधानमंत्री, कम्यूनिस्ट पार्टी का रहा है शासन

1999 में मैनुअल क्यूबा के ताकतवर गाविओता होटल ग्रुप के उपाध्यक्ष चुने गए थे। यह ग्रुप क्यूबा के सुरक्षाबलों का है। इसके एक साल बाद ही मैनुअल मार्रेरो इस ग्रुप के अध्यक्ष बन गए।

क्यूबा के नए प्रधानमंत्री मैनुअल मरेरो। (REUTERS)

अमेरिका की नाक में दम करने वाले कम्यूनिस्ट देश क्यूबा को बीते 40 सालों में पहली बार प्रधानमंत्री मिला है। बता दें कि क्यूबा के लंबे समय से पर्यटन मंत्री रहे मैनुअल मार्रेरो ने शनिवार को देश के प्रधानमंत्री के तौर पर अपना पद संभाल लिया। सरकार के प्रमुख के तौर पर मार्रेरो (56) की नियुक्ति रेवोल्यूशनरी ओल्ड गार्ड से पीढ़िगत बदलाव और विकेंद्रीकरण की प्रक्रिया का हिस्सा है जिसका मकसद कम्युनिस्ट पार्टी के शासन की रक्षा करना है।

राष्ट्रपति मिग्वेल डियाज कैनल ने शनिवार को कहा, “क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।” इसके फौरन बाद कम्युनिस्ट पार्टी के नेता पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने मार्रेरो से हाथ मिलाया। मार्रेरो क्रांतिकारी नायक फिदेल कास्त्रो के प्रशासन में 2004 से अब तक पर्यटन मंत्री रहे। फिदेल के भाई राउल और राष्ट्रपति डियाज कैनल के शासन में भी वह इस पद पर बने रहे।

मार्रेरो साल 2004 से क्यूबा के पर्यटन मंत्री का पद संभाल रहे थे। फिदेल कास्त्रो के शासन के अंतिम दिनों में मैनुअल मार्रेरो ने अपना पद संभाला था और फिर फिदेल के भाई राउल कास्त्रो के राष्ट्रपति काल में भी वह देश के पर्यटन मंत्री रहे। मैनुअल मार्रेरो ने साल 1999 में क्यूबा सरकार में अपने राजनैतिक करियर की शुरूआत की थी।

1999 में मैनुअल क्यूबा के ताकतवर गाविओता होटल ग्रुप के उपाध्यक्ष चुने गए थे। यह ग्रुप क्यूबा के सुरक्षाबलों का है। इसके एक साल बाद ही मैनुअल मार्रेरो इस ग्रुप के अध्यक्ष बन गए।

क्यूबा के मौजूदा राष्ट्रपति डियाज कैनेल ने मैनुअल मार्रेरो को पीएम बनाए जाने पर कहा कि उनकी पहचान एक शीलवान, ईमानदार, पार्टी के प्रति वफादार, राजनैतिक रुप से संवेदनशील नेता के तौर पर होती है। डियाज ने कहा कि ‘नए प्रधानमंत्री के शासन में देश पर्यटन के क्षेत्र में तरक्की करेगा, जो कि देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख सेक्टर्स में से एक है।’

यूनिवर्सिटी इन कैलिफोर्निया में क्यूबा मामलों के जानकार अर्तुरो लोपेज लेवी का कहना है कि मार्रेरो के आने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और वह सिर्फ प्रबंधन पर ध्यान देंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। जनसत्‍ता टेलीग्राम पर भी है, जुड़ने के ल‍िए क्‍ल‍िक करें।

Next Stories
1 अफगानिस्तान: राष्ट्रपति चुनाव में अशरफ गनी को बहुमत, अब्दुल्ला देंगे नतीजों को चुनौती
2 पाकिस्तानः अंग्रेजी के प्रोफेसर ने किया था Facebook पोस्ट, ईशनिंदा के दोष में मौत की सजा
3 इंग्लिश टीचर ने 15 साल के स्टूडेंट से बनाए संबंध, स्टूडेंट्स ने मोबाइल में वीडियो रिकॉर्ड कर पुलिस से की शिकायत