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COVID-19 संकटः ‘चीन के हाथ की कठपुतली है WHO’, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हमला

ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत खराब काम किया है। अमेरिका उन्हें हर साल 45 करोड़ डॉलर देता है। चीन उनको साल में 3.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करता है।”

Author Updated: May 19, 2020 11:52 AM
अमेरिकी राष्ट्रपति का WHO पर हमला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पर एक बार फिर सोमवार को हमला बोला और कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह स्वास्थ्य निकाय चीन के हाथ की ‘कठपुतली’ है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर उन्होंने चीन से यात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगाए होते तो कोरोना वायरस से देश में और लोगों की मौत हुई होती जिसका स्वास्थ्य एजेंसी ने ‘विरोध’ किया था। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, “वे (डब्ल्यूएचओ) चीन के हाथ की कठपुतली हैं। सही ढंग से कहा जाए तो वे चीन केंद्रित हैं। लेकिन वे हैं चीन के हाथ की कठपुतली ही।”

ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत खराब काम किया है। अमेरिका उन्हें हर साल 45 करोड़ डॉलर देता है। चीन उनको साल में 3.8 करोड़ डॉलर का भुगतान करता है।” ट्रंप ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जनवरी अंत में चीन से यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ था।

उन्होंने कहा, “डब्ल्यूएचओ इसके खिलाफ था। वे मेरे प्रतिबंध लगाने के खिलाफ थे। उन्होंने कहा था कि आपको इसकी जरूरत नहीं है, ये बहुत ज्यादा है और बेहद सख्त है लेकिन वे गलत साबित हुए।” ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एवं पूर्व उपराष्ट्रपति जो बाइडेन भी इस प्रतिबंध के खिलाफ थे। उन्होंने कहा, “सुस्त जो बाइडेन ने भी यही बात कही थी।

उन्होंने कहा कि मैं विदेशी लोगों से नफरत करता हूं। ऐसा इसलिए कहा गया क्योंकि मैंने कहा था कि चीन से आने वाले लोग देश में प्रवेश नहीं कर सकते। आप अब बहुत जल्दी हमारे देश में प्रवेश नहीं कर सकते। और बाइडेन ने कहा कि मैं विदेशियों से नफरत करता हूं।” ट्रंप ने कहा, “अगर मैंने प्रतिबंध नहीं लगाया होता, तो इस देश ने हजारों और लोगों को गंवा दिया होता। यह बहुत महत्त्वपूर्ण प्रतिबंध था। लोग प्रतिबंध के बारे में बात करना पसंद नहीं करते लेकिन यह बहुत महत्त्वपूर्ण था।” राष्ट्रपति ने दावा किया कि उन्हें छोड़कर कोई नहीं चाहता था कि यह प्रतिबंध लगाया जाए।

कोरोना से बचने को मलेरिया की दवाई ले रहा हूं- ट्रम्पः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से बचने के लिए मलेरिया की दवाई ‘हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन’ ले रहे हैं। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, ‘‘ मैं करीब डेढ़ सप्ताह से यह (हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन) ले रहा हूं।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं है। अमेरिका में पिछले तीन महीने में इस महामारी से 90,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

ट्रम्प ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने अपने चिकित्सकों से सलाह ली थी लेकिन व्हाइट हाउस के चिकित्सक ने इस पर कोई खास जोर नहीं दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ व्हाइट हाउस के चिकित्सक ने दवा लेने की सलाह नहीं दी। मैंने उनसे पूछा था कि उनका इस बारे में क्या विचार है? उन्होंने कहा कि क्या तुम दवाई लेना चाहते हो। मैंने कहा हां मैं दवाई लेना चाहता हूं। ’’ ट्रम्प ने कहा कि वह रोज मलेरिया की एक गोली लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं रोज एक गोली लेता हूं। कुछ समय बाद मैं इसे लेना बंद कर दूंगा। मैं चाहता हूं कि इसका इलाज मिले या इसका टीका बने और यह एक दिन जरूर होगा। मुझे लगता है कि बहुत जल्द ऐसा होगा।’’ ट्रम्प के दवाई लेने की जानकारी देने के कुछ देर बाद ही व्हाइट हाउस के डॉक्टर सीन पी. कॉनले ने कहा कि राष्ट्रपति एकदम स्वस्थ हैं और उनमें कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं हैं।

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