मास्क, गॉगल्स, स्पेशल सूट के बावजूद कोरोना वायरस से बच नहीं पाए, इटली के डॉक्टर की आपबीती

मिलान में 34 वर्षीय इमरजेंसी मेडिसिन स्पेशलिस्ट फेडरिका ने बताया कि कैसे वे कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज करते-करते खुद भी इसके संक्रमण में आ गईं। इटली में फेडरिका के अलावा ऐसे कई डॉक्टर हैं जो दूसरों के इलाज़ के दौरान कोरोना पॉज़िटिव हो गए हैं।

इटली में डॉक्टर मास्क, गॉगल्स, स्पेशल सूट के बावजूद अपने आप को संक्रमण से नहीं बचा पा रहे हैं। (indian express photo)

कोरोना वायरस का संक्रमण पूरे विश्व में तेजी से फैल रहा है। इस महामारी के प्रकोप में सबसे ज्यादा यूरोप के देश आए हैं। इटली, स्पेन और फ्रांस में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इटली में अबतक 766 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली के हालात इतने खराब हैं कि मास्क, गॉगल्स, स्पेशल सूट के बावजूद वहां के डॉक्टर अपने आप को संक्रमण से नहीं बचा पा रहे हैं। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक मिलान में 34 वर्षीय इमरजेंसी मेडिसिन स्पेशलिस्ट फेडरिका ने बताया कि कैसे वे कोरोना पॉजिटिव लोगों का इलाज करते-करते खुद भी इसके संक्रमण में आ गईं। इटली में फेडरिका के अलावा ऐसे कई डॉक्टर हैं जो दूसरों के इलाज़ के दौरान कोरोना पॉज़िटिव हो गए हैं।

फेडरिका फिलहाल घर पर क्वारैंटाइन पीरियड बीता रही हैं। फेडरिका मास्क, गॉगल्स, स्पेशल सूट का इतेमाल करने के बावजूद वे भी संक्रमित हो गईं हैं। फेडरिका ने बताया कि शुरुआत में इटली के लोडी और कोडोग्नो शहर इस महामारी की चपेट में आए थे। इन शहरों के हालात से हम बहुत कुछ सीख चुके थे। हमें यह पता था कि हमारा शहर भी जल्द इसकी चपेट में आयेगा।

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फेडरिका ने बताया कि इसका संक्रमण बहुत तेजी से फैला जिसके चलते हॉस्पिटल के इमरजेंसी रूम को दो हिस्सों में बांट दिया गया था। एक तरफ वे लोग थे जिनमें कोरोनोवायरस के लक्षण मिल रहे थे और दूसरी तरफ एक छोटा हिस्सा, जहां अन्य मरीजों को रखा जाने लगा। धीरे-धीरे मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। जिसके चलते इमरजेंसी रूम में शिफ्ट में वर्किंग शुरू हो गई। एक-एक शख्स 12 से 13 घंटे तक काम करना पड़ता था। इमरजेंसी रूम में घुसने से पहले उन्हें मास्क और विशेष तरह के गॉगल्स दिए जाते। मास्क तो इमरजेंसी रूम से बाहर आते ही डिस्पोज कर दिए जाते, लेकिन गॉगल्स को हमेशा साथ ही रखना होता था।

लगातार संक्रमित लोगों के बीच में रहने से फेडरिका भी इसके संक्रमण में आ गई। उसी दिन उनके पति में भी इस बीमारी के कुछ लक्षण दिखे। वे कहती हैं, “मैंने उन्हें संक्रमित किया। मैं बहुत डरी हुई थी। उन दिनों का तनाव में बयां नहीं कर सकती। अभी हम क्वारैंटाइन में हैं। चीजें अब ठीक होने लगी हैं। जैसे ही क्वारेंटाइन पीरियड खत्म होगा, वैसे ही मैं फिर से काम पर लौट जाऊंगी।”

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