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‘आतंकियों ने गोलीमार कर पत्नी को खिलाया था खून से सना चावल’, महिला पत्रकार ने सुनाई कश्मीरी हिंदुओं की दर्दनाक दास्तां

मानवाधिकारों पर अमेरिकी कांग्रेस में उन्होंने एक ऐसी घटना को याद किया जिससे सब सन्न रह गए। उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद की हैवानियत से भरी बातें दुनिया के सामने रखी हैं।

Kashmiri Pandit, Columnist Sunanda Vashisht, Kashmir, article 370, jammu kashmir, narendra modi, pm modi, rape, terrorismपत्रकार सुनंदा वशिष्ठ। फोटो: Twitter/Sunanda Vashista

पत्रकार सुनंदा वशिष्ठ ने अमेरिका में कश्मीरी हिंदुओं के खिलाफ 1990 में हुई दर्दनाक दास्तां को बयां किया है। मानवाधिकारों पर अमेरिकी कांग्रेस में उन्होंने एक ऐसी घनटा को याद किया जिससे सब सन्न रह गए। उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद की हैवानियत से भरी बातें दुनिया के सामने रखी हैं।

उन्होंने घाटी में 1990 के दौरान आतंकवादियों द्वारा आम लोगों को मौत के घाट उतारने और फिर उनके साथ हैवानियत करने की कुछ घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कश्मीर में उनका और उनके लोगों का पूरा जीवन कट्टरपंथ इस्लाम के कारण बर्बाद कर दिया गया। बैठक में उन्होंने गिरिजा टिक्कू और बीके गंजू जैसे लोगों के साथ हुई अमानवीय व्यव्हार का जिक्र किया।

उन्होंने उन दिनों की घटनाओं को याद करते हुए बताया ‘आतंकियों ने गिरिजा टिक्कू जैसी औरतों को किडनैप करके उन्हें क्रूरता के साथ मार दिया। जिनके साथ गैंगरेप हुए और जिनके शरीर के छोटे-छोटे टुकड़े कर फेंक दिया गया।’

पत्रकार सुनंदा वशिष्ठ ने बीके गंजू के साथ हुई हैवानियत को याद करते हुए आगे बताया ‘बीके गंजू जैसे लोगों को अपने पड़ोसियों पर विश्वास करने के बदले सिर्फ धोखा मिला। बीके गंजू को आतंकवादियों ने कंटेनर में ही गोली मार दी थी और उनकी पत्नी को खून से सने चावल खिलाए थे। अगर उनके पड़ोसी आतंकियों को उनके बारे में नहीं बताते तो वह आज जिंदा होते।’

उन्होंने बैठक में आर्टिकल 370 को हटाए जाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर के बिना भारत अधूरा है भारत के बिना कश्मीर। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि कश्मीर की आवाम के पास आज वो सारे अधिकार हैं जो भारत के अन्य राज्यों के लोगों के पास हैं। इतने बड़े फैसले के बाद कुछ जगह प्रतिबंध बरकरार हैं लेकिन उम्मीद है जल्द ही इन्हें भी हटाया जाएगा। यह कहना गलता नहीं होगा कि कश्मीर के कुछ शेष जिलों में इंटरनेट की बहाली बहुत दूर नहीं है। आज मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैं कश्मीर के बेटी हूं। आतंकवाद ने मुझे मेरे मूल घर से दूर कर दिया था। मुझे उम्मीद है कि मेरे मानवधिकारों और मेरे समुदाय के लोगों की भी जल्द बहाली होगी।

बता दें कि उनकी स्पीच को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी सराहा है। उन्होंने सुनंदा वशिष्ठ की स्पीच के वीडियो को अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल के जरिए शेयर किया है।

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