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छोटा राजन इंडोनेशिया में गिरफ्तार, किया जा सकता है निर्वासित

भारत में हत्या के कई मामलों में वांछित छोटा राजन को कई दशकों तक फरार रहने के बाद इंडोनेशिया में गिरफ्तार कर लिया गया है। बाली के पुलिस प्रवक्ता हेरी वियांतो ने एएफपी को बताया..

Author नई दिल्ली/बाली | October 27, 2015 12:54 AM

भारत के सर्वाधिक वांछित गैंगस्टरों में शामिल छोटा राजन को इंटरपोल द्वारा जारी रेडकार्नर नोटिस के आधार पर इंडोनेशिया के बाली में गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पिछले दो दशक से कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पकड़ से बाहर था।

ऑस्ट्रेलिया पुलिस से ऐसी सूचना मिली थी कि 55 वर्ष का राजेन्द्र सदाशिव निकाल्जे उर्फ मोहन कुमार उर्फ छोटा राजन सिडनी से इंडोनेशिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बाली के लिए रवाना हुआ है। इस सूचना के आधार पर उसे रविवार को बाली में गिरफ्तार कर लिया गया।

किसी समय दाउद इब्राहिम के वफादार रहे छोटा राजन ने 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के बाद उससे अपने रास्ते अलग कर लिये थे और तब से ही उसका कट्टर दुश्मन है। वह हत्याओं के करीब 20 मामलों में वांछित है।

सीबीआई ने मुंबई पुलिस के अनुरोध पर जुलाई, 1995 में उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। एजेंसी के सूत्रों ने कहा कि राजन को सिडनी से बाली पहुंचने के बाद ऑस्ट्रेलियाई और इंडोनेशियाई पुलिस के संयुक्त दल ने रविवार को गिरफ्तार किया था। वह मोहन कुमार नाम के पासपोर्ट पर पहुंचा था। उन्होंने कहा कि वह सात साल से ऑस्ट्रेलिया में छिपा हुआ था।

सरकार के सूत्रों ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है और छोटा राजन को इस सप्ताह निर्वासित किया जा सकता है। दोनों देशों ने एक दूसरे के वांछित कैदियों की स्वदेश वापसी कराने और सभी आपराधिक मामलों में सहयोग के लिए एक समझौता कर रखा है।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और सीबीआई निदेशक अनिल सिन्हा ने राजन की गिरफ्तारी की पुष्टि की। सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘एक बार पहचान और पुष्टि होने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।’’उन्होंने छोटा राजन को पकड़ने में सहयोग के लिए इंटरपोल और इंडोनेशियाई अधिकारियों का धन्यवाद अदा किया।

सीबीआई प्रवक्ता देवप्रीत सिंह ने कहा, ‘‘सीबीआई के अनुरोध पर बाली पुलिस ने भारतीय नागरिक मोहन कुमार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मोहन कुमार उर्फ राजेन्द्र सदाशिव निकाल्जे उर्फ छोटा राजन एक भगोड़ा है और सीबीआई ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के साथ मामले को आगे बढ़ा रही है।’’

प्रवक्ता ने कहा कि भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के करीबी सहयोग से यह गिरफ्तारी संभव हो सकी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अनुरोध पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए हम इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया को धन्यवाद देते हैं। कानून के मुताबिक जो भी जरूरी होगा आगे कार्रवाई की जाएगी।’’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इंडोनेशिया के साथ कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं होने की स्थिति में राजन को वापस लाने के लिए कई प्रणालियां हैं। विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) अनिल वाधवा ने कहा, ‘‘हमें किसी को प्रत्यर्पित कराने के लिए कोई औपचारिक प्रत्यर्पण संधि की जरूरत नहीं है। आज के समय में कई अन्य तरीके और प्रणालियां हैं। पहले ऐसा हुआ है।’’

मुंबई में महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री राम शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी कि राजन को भारत लाने के बाद मुंबई लाया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘छोटा राजन राज्य में कई मामलों में वांछित है। इसलिए हमने फैसला किया है कि उसे यहां निर्वासित किये जाने के बाद और केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा उससे पूछताछ किये जाने के बाद, हम केंद्र से अनुरोध करेंगे कि पहले उसे यहां भेजा जाए, ताकि हम उन मामलों में उससे जानकारी हासिल कर सकें जिनमें वह यहां वांछित है।’’

मुंबई में जन्मा राजन हत्या और अवैध हथियार रखने तथा उनका इस्तेमाल करने के मामलों समेत अनेक आरोपों में वांछित है। उसके खिलाफ 2011 में पत्रकार ज्योतिर्मय डे की हत्या के सिलसिले में भी एक मामला दर्ज है।

साल 2000 में छोटा राजन की जान लेने की कोशिश की गयी थी जब बैंकॉक के एक होटल में दाउद के लोग उसके पीछे पहुंच गये थे लेकिन वह होटल की छत से बचकर निकल गया था। छोटा राजन से जुड़े मामलों में काम कर चुके कुछ मौजूदा और पूर्व पुलिस अधिकारियों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है और उससे पूछताछ से कई अज्ञात तथ्यों पर रोशनी पड़ सकती है।

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त एम एन सिंह ने कहा कि वह छोटा राजन को भारत वापस लाये जाने तक का इंतजार करेंगे और तब कुछ कहेंगे। वह मुंबई में कई अपराध गिरोहों का खात्मा करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।

बाली में इंडोनेशियाई अधिकारियों ने कहा कि वह राजन को इस सप्ताह निर्वासित करेंगे। स्थानीय पुलिस के मुताबिक बाली में पुलिस राजन से पूछताछ कर रही है और वह उसके निर्वासन के लिहाज से औपचारिकताएं पूरी करने के लिए भारतीय राजनयिकों के साथ संपर्क में है।

छोटा राजन को भारत लाने में इंडोनेशिया के साथ पिछले दिनों हुए एक करार से मदद मिल सकती है। भारत और इंडोनेशिया ने एक दूसरे के वांछितों के निर्वासन के लिए और सबूत एकत्रित करने समेत सभी आपराधिक मामलों में सहयोग के लिए इस साल अगस्त में एक समझौते पर दस्तखत किये थे और उसे अधिसूचित किया था। सरकार छोटा राजन को वापस लाने के लिए एक विकल्प के तौर पर इसी समझौते पर विचार कर रही है।

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