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चीन में मजदूरों पर जुल्‍म: अच्‍छा काम नहीं करने पर जबरन पिला रहे पेशाब

स्टाफ के ऐसे लोग जो काम करने के लिए चमड़े के जूते नहीं पहनते थे या वहां की यूनिफॉर्म नहीं पहनते थे उन पर 50 यूआन जुर्माना लगाया गया था। पुलिस ने कहा कि दंड उन कर्मचारियों के लिए था जो सेल्स टारगेट को पूरा नहीं करते थे।

“खुले तौर पर लोगों का अपमान” करने में प्रबंधक भी शामिल थे, चाइनीज लॉ के तहत यह एक अपराध है।

एक चाइनीज होम रेनोवेशन कंपनी के मजदूर जो अपना काम पूरा करने में असफल रहे, उन्हें जबरन पेशाब पीना पड़ रहा है, कॉकरोच खाने पड़ रहे हैं और बेल्ट से उनकी पिटाई भी हो रही है। स्टेट मीडिया द्वारा चीनी सोशल मीडिया पर डाले गए फोटो और वीडियो के मुताबिक, कई को टॉयलेट के बाउल में पानी लेकर अपनी दाढ़ी बनानी पड़ रही है और उसी से पानी पीना पड़ा रहा है, इतना ही नहीं उनकी सैलरी भी एक महीने तक रोक दी गई है। ग्वांगझू के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में कंपनी छोड़ने वाले मजदूरों का हवाला देते हुए राज्य मीडिया ने अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में मिलने वाले दंडों को सार्वजनिक किया है।

स्टाफ के ऐसे लोग जो काम करने के लिए चमड़े के जूते नहीं पहनते थे या वहां की यूनिफॉर्म नहीं पहनते थे उन पर 50 यूआन जुर्माना लगाया गया था। राज्य मीडिया ने कहा कि उनका अपराध सफेद पर्ची में दर्ज किया गया था, लेकिन ज्यादातर कर्मचारियों ने दंड के बावजूद रहने का फैसला किया, जो इस साल शुरू हुआ। स्थानीय सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, कंपनी के तीन प्रबंधकों को दूसरों को अपमानित करने के आरोप में पांच से 10 दिन के लिए जेल भेजा गया था।

चीन में मजदूरों की स्थितियों को अक्सर कार्यकर्ताओं द्वारा कठोर और क्षमा करने के रूप में वर्णित किया गया है, मजदूरों को ज्यादा घंटों तक काम करना पड़ता है और कम मजदूरी पर तंग छोटे-छोटे क्वार्टर में रहते हैं। ग्वांगझू कंपनी में दंडित कई लोगों ने राज्य के मीडिया के मुताबिक दुखी होने के बारे में थोड़ा सा संकेत दिया। हांगुआगांग जिले की स्थानीय पुलिस ने “अपमानजनक शारीरिक दंड” की पुष्टि करते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि जांच चल रही थी। पुलिस ने कहा कि दंड उन कर्मचारियों के लिए था जो सेल्स टारगेट को पूरा नहीं करते थे। “खुले तौर पर लोगों का अपमान” करने में प्रबंधक भी शामिल थे, चाइनीज लॉ के तहत यह एक अपराध है।

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