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हिन्‍द महासागर में जापान-अमे‍रिका के साथ सैन्‍य अभ्‍यास कर भारत ने दिखाई ताकत, ड्रैगन करा रहा जासूसी

अमेरिका और भारत के साथ मालाबार हिल में जापान के शामिल होने से, चीन की बढ़ती हुई ताकत को रोकने में मदद मिलेगी।

ओकिनावा | Updated: June 15, 2016 2:06 PM
(FILE PHOTO FOR REPRESENTATIONAL PURPOSE)

हिन्‍द महासागर में भारत-जापान और अमेरिका के संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास पर ड्रैगन की नजर है। जापानी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को एक चीनी निरीक्षण जहाज को पश्चिमी प्रशांत में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (John C. Stennis) का पीछा करते देखा गया है। दक्षिणी चीन सागर में पैट्रोलिंग के समय से ही चीनी जहाज इस कैरियर का पीछा कर रहे थे। जपानी नौसेना के एक अधिकारी ने पहचान गुप्‍त रखने की शर्त पर बताया कि आठ दिन चलने वाले सैन्‍य अभ्‍यास पर किसी की नजर ना पड़े, इसके लिए इस कैरियर को समुद्र में छोड़ा गया है। यह कैरियर अन्‍य जहाजों से अलग तैरता हुआ एक ‘फंदे’ की तरह काम करेगा।

एक लाख टन वजनी इस एयरक्राफ्ट कैरियर में F-18 फाइटर जेट्स होते हैं। नौ अन्‍य जंगी जहाजों के साथ मिलकर यहां तीन देशों की नौ-सेनाएं जापान के ओकिनावा द्वीप पर अभ्‍यास कर रही हैं। कुछ पैट्रोल प्‍लेन्‍स भी जापान के बेस से यहां आकर अभ्‍यास में हिस्‍सा ले रहे हैं। जापान के करीब अमेरिकी ताकत के इस प्रदर्शन के परेशान बीजिंग पश्चिमी प्रशांत में सबमरीन और तल पर चलने वाले जहाजों के दम पर पड़ोसी दक्षिणी चीन समुद्र पर दावा कर रहा है।

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जापान चीन के पश्चिमी प्रशांत के करीब 200 द्वीपों पर प्रभुत्‍व को रोकने की तैयारी कर रहा है। मुख्‍य द्वीपों से लेकर पूर्वी चीन समुद्र तक जापान राडार स्‍टेशंस और एंटी शिप मिसाइल बैट्रीज बना रहा है।

भारत के लिए यह युद्धाभ्‍यास चीन के पूर्वी समुद्रतट के करीब ताकत दिखाने का मौका है। साथ ही इससे यह संकेत भ्‍ाी दिया जा रहा है कि भारत हिन्‍द महासागर में चीनी नौसेना के बढ़ते दखल से खुश नहीं है।

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