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यांग्तेज नदी में डूबे जहाज से कोई नहीं मिला जिंदा

चीन में यांग्तेज नदी में डूबे जहाज के पेंदे को बचावकर्मियों ने गुरुवार को तीन जगह से काटा लेकिन गोताखोरों को कोई जिंदा यात्री नहीं मिला। उधर, चीन ने पीड़ितों के आक्रोशित परिजन को आश्वासन दिया कि देश की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक इस दुर्घटना से जुड़ा कोई तथ्य छिपाया नहीं जाएगा। जहाज के डूबने के कारण मरने वालों की संख्या 77 हो गई है जबकि सैकड़ों यात्री अभी भी लापता हैं।

Author June 5, 2015 9:23 AM
मरने वालों की संख्या 77 पहुंची, सैकड़ों यात्री अब भी लापता (फोटो: एपी)

चीन में यांग्तेज नदी में डूबे जहाज के पेंदे को बचावकर्मियों ने गुरुवार को तीन जगह से काटा लेकिन गोताखोरों को कोई जिंदा यात्री नहीं मिला। उधर, चीन ने पीड़ितों के आक्रोशित परिजन को आश्वासन दिया कि देश की सबसे भीषण त्रासदियों में से एक इस दुर्घटना से जुड़ा कोई तथ्य छिपाया नहीं जाएगा। जहाज के डूबने के कारण मरने वालों की संख्या 77 हो गई है जबकि सैकड़ों यात्री अभी भी लापता हैं।

‘ईस्टर्न स्टार’ पोत पर सवार 456 लोगों में से अधिकतर के जिंदा बचे होने की संभावनाएं क्षीण होने के साथ ही बचावकर्मियों ने अंतिम प्रयासों के तहत उलट चुके जहाज के पेंदे को तीन जगह से काटा, लेकिन किसी प्रकार की सफलता उनके हाथ नहीं लगी। सोमवार की रात अचानक आए तूफान के कारण डूबे जहाज के पेंदे में बचावकर्मियों ने 55 सेंटीमीटर लंबा और 60 सेंटीमीटर चौड़ा एक आयताकार छेद किया है ताकि गोताखोर जल्दी जहाज के अंदर पहुंच सकें। समाचार एजंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार बचावकर्मी जहाज को काटना जारी रखेंगे।

चीनी सरकारी प्रसारण सीसीटीवी ने बताया कि जिन हिस्सों को काटा गया था उन्हें तलाशी के बाद फिर से वेल्डिंग के जरिए जोड़ दिया गया ताकि पोत का संतुलन बना रहे। बचावकर्मियों ने गुरुवार सुबह तक और शव निकाले, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़कर 77 हो गई। इस दुर्घटना में सिर्फ 14 लोग बचे हैं, जिनमें जहाज का कैप्टन भी शामिल है। 456 लोगों को ले जा रहा यह चार मंजिला जहाज सोमवार को एक भयावह चक्रवात में फंसकर उलट गया था। जहाज में सवार लोगों में अधिकतर चीन के बुजुर्ग लोग थे, जो छुट्टियां मनाने जा रहे थे। यह घटना चीन के दशकों के इतिहास की सबसे भयावह जहाज त्रासदी साबित हो सकती है।

प्रशासन आक्रोशित परिजन को शांत करने में जुटा है, जिनमें से कुछ लोगों ने घटनास्थल के समीप प्रदर्शन किया और जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस की घेरेबंदी को भी तोड़ दिया। चीन सरकार ने कहा है कि बचावकर्मी घायलों को बचाने के लिए ‘सभी संभावित उपाय’ करेंगे और साथ ही ‘गंभीर जांच’ का दावा भी किया गया। परिहवन मंत्रालय के प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया, ‘हम कभी गलतियों पर पर्दा नहीं डालेंगे और किसी चीज छिपाएंगे नहीं।’ उन्होंने साथ ही बताया कि प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है ।

राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने हादसे के बाद के घटनाक्रम और बचाव अभियान पर विचार विमर्श करने के लिए गुरुवार की सुबह चीन की शीर्ष नीति नियंता ईकाई और सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो स्थायी समिति की विशेष बैठक बुलाई। दुर्घटना से जुड़ी जानकारी पर कड़ा नियंत्रण रखा जा रहा है और अधिकारियों ने बचाव कार्यों की प्रगति से जुड़ी कुछ ही जानकारियां साझा की हैं। हालांकि लापता लोगों के परिजन की उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग मध्य हुबेई प्रांत की जिआनली काउंटी में स्वयं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। हांगकांग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के अनुसार, इस बात पर सवाल बने हुए हैं कि डूबने से 10 मिनट पहले जहाज अचानक क्यों मुड़ा था और क्या दुर्घटना के समय क्षेत्र में आए चक्रवात ने सीधे तौर पर जहाज को अपनी चपेट में ले लिया था? इस घटना में जीवित बचे जहाज के कैप्टन और प्रमुख इंजीनियर पुलिस हिरासत में हैं। जहाज में 405 यात्री, पांच यात्रा गाइड और चालक दल के 46 सदस्य सवार थे।

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