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धारा 377: चीन के पहले प्रधानमंत्री भी थे समलैंगिक! जूनियर से थे संबंध

एक किताब में बताया गया है कि चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एनलाइ भी समलिंगी थे। उनका अपने जूनियर के साथ संबंध था। इस वजह से पत्नी के साथ रिश्तों में खटास भी आ गई थी।

चीन के पहले प्रधानमंत्री (Pic credit- facebook)

भारत में धारा 377 के तहत समलैंगिकता को अपराध मानने या इसे अपराध के दायरे से बाहर रखने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस शुरू हो गई है। कोर्ट की संवैधानिक पीठ के समक्ष शिखंडी का भी जिक्र किया गया। इस दौरान पूर्व अर्टानी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि लिंग और सेक्सुअल पंसद दोनों अलग-अलग हैं। इन दोनों को एक साथ नहीं मिलाया जा सकता। यह सिर्फ आइपीसी की धारा 377 तक की सीमित न न रहे। एेसे जोड़ों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। इस बड़ी बहस के बीच भले ही भारत के प्रसिद्ध लोगों ने समलिंगी होने की बात नहीं स्वीकार की है, लेकिन चीन के पहले प्रधानमंत्री चाऊ एनलाइ भी समलिंगी थे। उनका अपने जूनियर के साथ संबंध था। ऐसा एक किताब में बताया गया है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, चाऊ एनलाइ 20वीं शताब्दी के एक बड़े चेहरे थे। चीन में कम्यूनिष्ट पार्टी की बुनियाद मजबूत करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। कुछ दिनों पहले एक किताब प्रकाशित हुई है, जिसके अनुसार वे शायद गेे थे। किताब का यह दावा चीन में विवादास्पद हो गया है क्योंकि यहां समलैंगिकता को व्यापक रूप से स्वीकार नहीं किया जाता है। कई लोग इसे चाउ एनलाइ के चरित्र पर हमले के रूप में देख सकते हैं। “द सीक्रेट इमोशनल लाइफ ऑफ चाऊ एनलाई” किताब की लेखिका तोसी विंग-मुई ने लिखा है कि चाऊ का यौन स्वभाव उनके जीवन के बारे में कई रहस्यों को समझाएगा।

 

मिस्टर तोसी, जो कि हांगकांड में एक उदार राजनीतिक पत्रिका की संपादक थी, ने कोई प्रमाण नहीं दिया कि चाऊ समलैंगिक थे। उन्हें चाऊ की डायरी की प्रविष्टियों से और पत्नी के साथ किए गए पत्राचार से ऐसा संकेत मिला है। एक डायरी में लिखा है कि 1918 में चाऊ की उम्र  जब 20 साल थी, जापान में रह रहे थे। वहां उन्होंने एक यूनिवर्सिटी खोलने का प्लान किया था। कई सप्ताह पहले उन्होंने उत्तरी चीनी बंदरगाह शहर टियांजिन छोड़ दिया था। उनके साथ दो साल जूनियर एक लड़का था, ली फूजिंग। वह हांगकांग में अध्ययन करने चल गया था। इस अलगाव से वे काफी दुखी हुए। दोनों के बीच का रिश्ता दोस्ती से अधिक था। चाऊ ली के साथ प्यार में थे। एक खत में चाऊ ने अपने स्कूलमेट के साथ भावनात्मक जुड़ाव की बात भी कही है, जिसके चलते पत्नी के साथ उनके संबंधों में खटास आ गई थी। बता दें कि चाऊ अक्टूबर 1949 में कम्यूनिस्ट चीन के प्रधानमंत्री थे और 1976 में मृत्यु तक इस पद पर काबिज रहे। कैंसर की वजह से उनकी मृत्यु हुई थी।

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