ताज़ा खबर
 

न्यूक्लियर हथियार दोगुने कर रहा चीन, जल-थल और नभ से मिसाइल दागने की कर रहा पुरजोर तैयारी, पेंटागन ने चेताया

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक, चीनी सेना ने बीते कुछ समय में कई क्षेत्रों में या तो अमेरिकी सेना की बराबरी कर ली है, या उसे पीछे कर दिया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र वॉशिंगटन | Updated: September 2, 2020 11:08 AM
China, Nuclear Warheadsस्वतंत्र विश्लेषकों के मुताबिक, चीन के पास अभी 300 से कम परमाणु हथियार हैं।

भारत और चीन के बीच लद्दाख से लगी एलएसी पर तनाव जारी है। इस बीच अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन की एक रिपोर्ट ने दुनियाभर की परेशानी बढ़ा दी है। इसके मुताबिक, चीन अगले एक दशक में अपने परमाणु हथियारों का जखीरा दोगुना करने की फिराक में है। इतना ही नहीं वह इन हथियारों को जमीन, समुद्र और आकाश में मारने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल के साथ लॉन्च करने की तकनीक विकसित कर रहा है।

पेंटागन ने रिपोर्ट में कहा है कि चीन फिलहाल अमेरिका के बराबर तकनीकी क्षमता विकसित करने पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) जॉइंट ऑपरेशन करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका के किसी भी तरह के सैन्य दखल को रोका और हराया जा सके। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि पीएलए ने बीते कुछ समय में कई क्षेत्रों में या तो अमेरिकी सेना की बराबरी कर ली है, या उसे पीछे कर दिया है। इनमें युद्धपोत निर्माण, जमीन आधारित बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं।

अमेरिकी रक्षा विभाग के मुताबिक, चीन की परमाणु क्षमता अभी 200 के आसपास है। स्वतंत्र विश्लेषक भी चीन के पास 300 से कम परमाणु हथियार होने की बात कह चुके हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों को 10 साल में दोगुना कर लेगा। चीन पहले ही जमीन और समुद्र से बैलिस्टिक मिसाइल के जरिए परमाणु हथियार लॉन्च करने की तकनीक हासिल कर चुका है और अब वह हवा से परमाणु हथियार मार करने वाली क्षमता तैयार कर रहा है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि बीजिंग इस सदी के मध्य तक अमेरिका के बराबर या उससे बेहतर सेना तैयार कर लेगा और अगर ऐसा होता है तो यह अमेरिका के राष्ट्रहित और सुरक्षा दोनों के लिए बड़ा खतरा होगा। अमेरिका के डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस चैड स्ब्रागिया के मुताबिक, चीन की कूटनीति में पारदर्शिता की कमी और ज्यादा बड़ी परमाणु शक्ति बनने की चाहत अमेरिका के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन सकती हैं। चैड ने कहा कि चीन 2049 तक खुद को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के तौर पर खड़ा देखना चाहता है।

Next Stories
1 दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन दाग रहा था बैलेस्टिक मिसाइल, ऊपर से अमेरिकी जासूसी विमान ‘ड्रैगन लेडी’ ने भर दी उड़ान, PLA हुआ बेचैन!
2 ये हैं दुनिया ते सबसे उम्रदराज दंपति! 11 नाती,पोते-पोतियां व 21 प्रपौत्र समेत बड़ा परिवार, दोनों की उम्र 215 साल
3 Zoom मीटिंग में ऑन रह गया कैमरा, वायरल हो गया अफ़सर का सेक्रेटरी संग अंतरंग Video
ये पढ़ा क्या?
X