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कुत्ता समझ दुकान से खरीद लाई महिला, 2 साल बाद सामने आई हकीकत ने उड़ा दिये होश

दो साल के बाद जैसे-जैसे यह जानवर बड़ा हुआ एक अजीबोगरीब हकीकत सामने आई। दो साल के बाद यह पता चला कि यह कोई कुत्ता नहीं बल्कि ब्लैक बीयर (भालू) है। अब इस भालू की मालकिन ने उसके बेहतर देखभाल के लिए उसे वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है।

इस दुर्लभ भालू को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है।

इधर दक्षिणी चीन में एक युवती कुछ साल पहले एक दुकान से एक कुत्ता खरीद कर लाती है लेकिन जब कुछ वक्त गुजर जाता है तो एक ऐसी हकीकत सामने आती है जिसे जानकर उसके होश उड़ जाते हैं। मूशू नाम की इस महिला ने दो साल पहले एक काले रंग का कुत्ता खऱीदा। उस वक्त इस महिला ने सोचा था कि यह तिब्बतियन मास्टिफ नस्ल का पिल्ला है। लेकिन दो साल के बाद जैसे-जैसे यह जानवर बड़ा हुआ एक अजीबोगरीब हकीकत सामने आई। दो साल के बाद यह पता चला कि यह कोई कुत्ता नहीं बल्कि ब्लैक बीयर (भालू) है। अब इस भालू की मालकिन ने उसके बेहतर देखभाल के लिए उसे वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है।
जब मूशू को इस बारे में पता चला तो उन्होंने सोचा कि इस तरह जंगली जानवरों को घरों में रखना वन्य जीव प्राणी कानून का उल्लंघन है। लिहाजा उन्होंने एक स्थानीय चिड़ियाघर से संपर्क किया। उन्होंने चिड़ियाघर प्रबंधन से इस मामले में मदद मांगी हालांकि मूशू भालू का जन्म प्रमाण पत्र चिड़ियाघर को उपलब्ध कराने में नाकामयाब रहीं ।

9मई को मूशू ने वन्य अधिकारियों से संपर्क किया। वन्य अधिकारियों ने उन्हें भालू को तत्काल रेस्क्यू सेंटर भेजने की सलाह दी। जब वन अधिकारियों ने मूशू के घर आकर इस भालू को देखा तो उनके होश उड़ गए। दरअसल वन अधिकारियों के मुताबिक यह ब्लैक बीयर इस वक्त दुर्लभ प्रजाति के जानवरों की लिस्ट में शामिल है। इस प्रजाति के भालू एशिया में अब बहुत ही कम बचे हैं।

महिला ने इस संकटग्रस्त भालू का नाम ‘लिटिल ब्लैक’ रखा है। करीब 3.28 फीट लंबे इस भालू का वजन करीब 220 किलोग्राम है। इस भालू के शरीर पर कोई जख्म नहीं पाए गए हैं। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने भालू के स्वास्थ्य की भी जांच की है और कहा है कि वो पूरी तरह से स्वस्थ है। अधिकारियों के मुताबिक यह एक एशियाटिक ब्लैक बीयर है, जिसे चीन में संरक्षण हासिल है। अधिकारियों के मुताबिक एशिया में इन भालुओं के अंगों का अवैध व्यापार भी होता है। अवैध शिकार की  वजह से ही इनकी संख्या अब काफी कम रह गई है।

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