ताज़ा खबर
 

चीन ने ताइवान की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को चेताया

चीन की सरकारी मीडिया ने सोमवार को ताइवान की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति त्साई इंग वेन को स्वतंत्रता समर्थक रास्ता अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी

Author बेजिंग | January 18, 2016 10:52 PM
चीन की सरकारी मीडिया ने सोमवार को ताइवान की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति त्साई इंग वेन को स्वतंत्रता समर्थक रास्ता अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी।

चीन की सरकारी मीडिया ने सोमवार को ताइवान की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति त्साई इंग वेन को स्वतंत्रता समर्थक रास्ता अपनाने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि मुख्यभूिम से औपचारिक रूप से अलग होने से उनके लिए ‘सारे रास्ते बंद हो जाएंगे।’ त्साई और उनकी डेमोक्रेटिक प्रोगे्रसिव पार्टी (डीपीपी) ने शनिवार को भारी जीत दर्ज की क्योंकि मतदाताओं ने चीन के साथ करीबी संबंधों को अहमियत नहीं दी। डीपीपी परंपरागत रूप से स्वतंत्रता समर्थक रही हैं, लेकिन त्साई ने ‘यथास्थिति बनाए रखने’ का वायदा करते हुए पार्टी के रुख में थोड़ी नरमी दिखाई है।

चाइनीज एकेडमी आॅफ सोशल साइंसेज में इंस्टीट्यूट आॅफ ताइवान स्टडीज के प्रमुख झू झिहुआई ने ग्लोबल टाइम्स के चीनी संस्करण में लिखा कि अगर त्साई ‘मुख्यभूमि से रास्ते जुदा करती हैं तो उनके लिए सभी रास्ते बंद हो जाएंगे।’ झू ने कहा कि बेजिंग त्साई बारे में किसी गफलत में नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि संबंध ‘शांति के मार्ग पर जाते हैं या शत्रुता के मार्ग पर, यह चुनना त्साई इंग वेन पर निर्भर करता है।

हालांकि ताइवान 1949 में गृहयुद्ध में चीन से अलग होने के बाद से एक स्वशासित देश है, लेकिन इसने अब तक स्वतंत्रता की घोषणा नहीं की है। बेजिंग इसे अपना हिस्सा मानता है तथा इसके फिर से चीन में शामिल होने का इंतजार कर रहा है। त्साई और उनकी पार्टी डीपीपी को मतदाताओं ने इसलिए भारी जीत दिलाई क्योंकि वे चीन के प्रति निवर्तमान राष्ट्रपति मा यिंग जीओयू के मित्रवत रुख से असहज महसूस कर रहे थे। यिंग कूमिंतांग पार्टी से ताल्लुक रखते हैं।

अपनी जीत के तुरंत बाद त्साई ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से अपनी पहली टिप्पणी में चीन को चेतावनी दी कि दमन से रिश्तों को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक प्रणाली, राष्ट्रीय पहचान और अंतरराष्ट्रीय हैसियत का सम्मान किया जाना चाहिए।

चाइना डेली के सोमवार के अंग्रेजी संस्करण में कहा गया कि चुनाव में कूमिंताग की हार बेजिंग के प्रति उसके मित्रवत रुख की बजाय बढ़ती बेरोजगारी और असमानता की वजह से हुई। लेकिन इसने कहा कि मुख्यभूमि के प्रति त्साई की नीति ‘अस्पष्ट बनी हुई है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App