ताज़ा खबर
 

चीन की भारत को धमकी, दलाईलामा के अरुणाचल दौरे से रिश्तों को पहुंच सकता है नुकसान

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, दलाई गिरोह चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त है और चीन-भारत सीमा से जुड़े मुद्दों पर उनका व्यवहार काफी अशोभनीय है।’

Author बीजिंग | October 28, 2016 6:32 PM
तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा। (फाइल फोटो)

चीन ने शुक्रवार (28 अक्टूबर) भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल दौरे की अनुमति देगा तो इससे द्विपक्षीय संबंधों को ‘नुकसान पहुंच सकता है’ और सीमांत क्षेत्रों में शांति और स्थिरता भी प्रभावित हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश को चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘इससे संबंधित खबरों को लेकर हम वाकई बेहद चिंतित हैं।’ मुख्यमंत्री के न्यौते पर दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश के दौरे को भारत द्वारा मंजूरी दिए जाने संबंधी खबरों पर पूछे गए सवाल का वह मीडियाकर्मियों को जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि भारतीय पक्ष तिब्बत से संबंधित मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिबद्धता का सम्मान करे और सीमा के सवाल पर द्विपक्षीय सर्वसम्मति का पालन करे।’

कांग ने कहा कि भारत को ‘ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचना चाहिए जिससे यह मसला और भी जटिल होता हो और 14वें दलाई लामा द्वारा चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों के लिए कोई मंच उपलब्ध नहीं करवाना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘केवल इसी तरह हम द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती दे सकते हैं और उसके विकास में निरंतरता बनाए रख सकते हैं।’ कांग ने कहा, ‘चीन और भारत की सीमा के पूर्वी हिस्से पर चीन का रुख एक जैसा और स्पष्ट तौर दलाई गिरोह चीन विरोधी अलगाववादी गतिविधियों में लिप्त है और चीन-भारत सीमा से जुड़े मुद्दों पर उनका व्यवहार काफी अशोभनीय है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष दलाई लामा के मुद्दे की गंभीरता से भलीभांति परिचित है साथ ही वह चीन-भारत सीमा के सवाल की संवदेनशीलता के बारे में भी जानता है।

HOT DEALS
  • Honor 8 32GB Pearl White
    ₹ 14210 MRP ₹ 30000 -53%
    ₹1500 Cashback
  • Apple iPhone 7 32 GB Black
    ₹ 41999 MRP ₹ 52370 -20%
    ₹6000 Cashback

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा था कि दलाई लामा राज्य का दौरा पहले भी कर चुके हैं। जब इस बारे में सवाल पूछे गए तो चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘एक बार गलती कर देने से यह जरूरी नहीं हो जाता है कि आप दूसरी गलती भी करें।’ उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने अभी कहा, चीन और भारत के बीच विवादित क्षेत्र में किसी भी कार्यक्रम के लिए भारत की ओर से दलाई लामा को न्योता देना चीन-विरोधी अलगाववादी गतिविधियों को मंच देने जैसा है। यह सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के लिए तथा चीन-भारत संबंधों में विकास के लिए भी बेहतर नहीं होगा।’ चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है और दलाई लामा, भारतीय नेताओं तथा विदेशी प्रतिनिधियों की वहां यात्रा का हमेशा विरोध करता है। सीमा विवाद वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास करीब 3,488 किलोमीटर लंबा क्षेत्र है। भारत का कहना है कि विवादित क्षेत्र में अक्साई चीन का इलाका भी आता है जिसपर चीन ने 1962 के युद्ध में कब्जा कर लिया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App