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घुसपैठ से खफा चीन ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया, अमेरिकी नौसेना ने कहा- और जहाज भेजेंगे

चीन ने अमेरिकी जंगी जहाज लासेन के खिलाफ अपना सख्त विरोध दर्ज कराने के लिए अमेरिका के राजदूत मैक्स आउकस को तलब किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि..

Author बेजिंग | October 29, 2015 12:13 AM
दक्षिणी चीन सागर (फाइल फोटो)

चीन ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर स्थित कृत्रिम द्वीपों में अमेरिकी जहाजों और विमानों की घुसपैठ नुकसान पहुंचाने वाली होगी और इससे गंभीर संकट पैदा होगा। वहीं, बेजिंग ने विवादित जल क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना के जंगी जहाज ले जाने को लेकर विरोध दर्ज राने के लिए अमेरिकी राजदूत को तलब किया।

चीन ने अमेरिकी जंगी जहाज लासेन के खिलाफ अपना सख्त विरोध दर्ज कराने के लिए मंगलवार को अमेरिका के राजदूत मैक्स आउकस को तलब किया। चीनी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर बताया कि कार्यकारी उप मंत्री झांग येसुई ने अमेरिकी राजदूत से कहा कि अमेरिका ने चीन की बार-बार की आपत्तियों के बावजूद अवज्ञा की और चीन की संप्रभुता एवं सुरक्षा को खतरे में डाला।

चीनी अधिकारी अमेरिकी अधिकारियों के इस बयान से चिंतित हैं कि वाशिंगटन इस इलाके से और अधिक जहाजों को भेजेगा, जो बेजिंग की संप्रभुता के दावे को चुनौती है। चीनी विदेश मंत्रालय में प्रवक्ता लु कांग ने मीडिया से कहा-‘चीन का नानशा (स्पार्टले) द्वीपों से लगे जल क्षेत्र पर निर्विवाद संप्रभुता है। अमेरिकी जहाज दक्षिण चीन सागर और संबद्ध जल क्षेत्र से बगैर इजाजत के गुजरे जिसने संबद्ध द्वीप पर कर्मियों की सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया। लु कांग ने कहा कि यह उकसावा भरा कार्य है और इसने समुद्र पर संयुक्त राष्ट्र के और चीन के घरेलू कानून का उल्लंघन किया है।

हालांकि चीन के आरोपों से सहमत नहीं होते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने वाशिंगटन में कहा कि अमेरिकी नौसेना विवादित जल क्षेत्र में बेजिंग द्वारा निर्मित कृत्रिम द्वीपों के पास और अधिक जंगी जहाजों को भेजेगी। अमेरिका के कदम ने चीनी अधिकारियों के बीच चिंता पैदा कर दी है क्योंकि इसने बेजिंग की सीमाओं को लांघा है।

सरकारी समाचार एजंसी शिन्हुआ ने कहा कि चीन और अमेरिका ने सितंबर में ‘सैन्य संकट की सूचना’ और ‘हवा में मुठभेड़’, इन दो दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे, ताकि समुद्र में गलतफहमी की स्थिति में सैन्य टकराव को टाला जा सके।

चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष फान चांगलोंग के हालिया बयान का हवाला देते हुए शिन्हुआ ने कहा है कि इसका मतलब यह नहीं है कि चीन ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा।

मालूम हो कि चीन लगभग समूचे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है जिससे होकर दुनिया के कुछ व्यस्त समुद्री मार्ग गुजरते हैं और समझा जाता है कि इस क्षेत्र में तेल का भंडार है। वियतनाम, फिलिपीन, मलेशिया, ब्रूनेई और ताईवान दक्षिण चीन सागर पर चीन के संप्रभुता के दावे का विरोध करता है।

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